कई और अहम सवालों से उठेगा पर्दा
पुलिस उसके बयानों को विवेचना में शामिल करेगी। डीसीपी (पश्चिम) दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अनुष्का ने इस बात को स्वीकार किया है कि वह वर्ष 2019 से हेयर ट्रांसप्लांट कर रही है। डॉक्टर ने हेयर ट्रांसप्लांट का डिप्लोमा होने की बात भी बताई है। हालांकि यह डिप्लोमा कहां से लिया गया है, इसके बारे में वह नहीं बता सकी। डीसीपी के मुताबिक इसी आधार पर बुधवार को डॉ. अनुष्का का पुलिस कस्टडी रिमांड कोर्ट से मांगा जाएगा। रिमांड के बाद कई और अहम सवालों से पर्दा उठेगा।
सरेंडर से पहले अनुष्का बोली थी, नहीं किया ट्रांसप्लांट
अनुष्का अभी तक हेयर ट्रांसप्लांट न करने की बात कहती आई है। पुलिस को भेजे गए जवाब और अग्रिम जमानत अर्जी दोनों में अनुष्का ने दावा किया था कि विनीत दुबे उनकी क्लीनिक में दांत का इलाज करने आए थे। उन्होंने बालों के संबंध में सलाह ली थी। इसके बाद विनीत दुबे ने हेयर ट्रांसप्लांट डॉ. सिंह व सर्जन मनीष कुमार से बर्रा स्थित एक चैरिटेबल अस्पताल में कराया था। अस्पताल में लापरवाही हुई होगी। उन्हें फंसाया जा रहा है। ऐसे में डॉ. अनुष्का ने कोर्ट को भी गुमराह करने का काम किया है।
हेयर ट्रांसप्लांट मामले कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी, अभी है अधूरी
हेयर ट्रांसप्लांट की जांच के लिए बनी स्वास्थ्य कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी। फिलहाल रिपोर्ट सिर्फ निजी अस्पताल की ओर से भेजे गए दस्तावेजों के आधार बनाई गई है। इसमें विनीत की मौत दवाओं, केमिकल रिएक्शन (एनाफिलैक्टिक शॉक), प्रोसीजर के दौरान ओटी में संक्रमण होने पर सेप्टिक शॉक से होने की आशंका की पुष्टि की गई है।
मल्टीऑर्गन फेल्योर होने की भी संभावना
इसी से मल्टीऑर्गन फेल्योर होने की भी संभावना दर्शाई है। हालांकि इसे स्वास्थ्य विभाग और खुद कमेटी भी अभी मुकम्मल नहीं मान रही है। इनका मानना है कि इसमें अनुष्का का बयान, इंपायर क्लीनिक का निरीक्षण और विसरा रिपोर्ट को लगाया जाए, तभी यह रिपोर्ट पूरी मानी जाएगी। सीएमओ का कहना है कि इन चीजों का इंतजार कर रहे हैं।
प्लास्टिक सर्जन की राय शामिल की जाए
सौंपी गई रिपोर्ट उस निजी अस्पताल के दस्तावेजों पर आधारित है, जहां हालत बिगड़ने पर विनीत का इलाज हुआ था। एसीएमओ डॉ. आर के गुप्ता की अध्यक्षता में बनी स्वास्थ्य कमेटी में उर्सला के फिजीशियन डॉ. शैलेंद्र तिवारी और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. रत्नेश प्रभाकर शामिल हैं। कमेटी ने यह भी सुझाव दिया है कि किसी प्लास्टिक सर्जन की राय इसमें शामिल की जाए।
कमेटी ने जो रिपोर्ट सौंपी है, वह अभी अधूरी है। इसमें अनुष्का का बयान, क्लीनिक का निरीक्षण वहां के साक्ष्य, विसरा रिपोर्ट शामिल नहीं है। इसलिए इसे अभी आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। अगर पुलिस की ओर से इसकी मांग की जाती है, तो उन्हें, जो कमियां रह गई हैं उन्हें इंगित करते हुए यही रिपोर्ट भेज देंगे। अगर क्लीनिक खुल जाएगा तो वहां पर जाकर जांच कराएंगे और उसे भी इस रिपोर्ट में शामिल करेंगे। -डॉ. हरिदत्त नेमी, सीएमओ
सामान्य महिला बंदी गृह में गुजारी डॉ. अनुष्का ने रात
हेयर ट्रांसप्लांट के बाद दो इंजीनियरों की मौत की आरोपी डॉ. अनुष्का को सोमवार को जेल में दाखिल कराया गया। इससे पहले उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसमें उसका ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट नार्मल रही। जेल प्रशासन ने उसे अन्य महिला बंदियों के साथ सामान्य बंदी गृह में रखा है। जेल सूत्रों के अनुसार डॉ. अनुष्का बैरक के अंदर एक कोने में पूरी रात बैठी रही।
न्यायिक हिरासत में भेज दिया था जेल
18 दिन से फरार डॉ. अनुष्का ने सोमवार को पुलिस को चकमा देते हुए दो अधिवक्ताओं की मौजूदगी में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा के कोर्ट में सरेंडर किया था। उस दौरान उसके पति डॉ. सौरभ त्रिपाठी भी मौजूद रहे। कोर्ट ने डॉ. अनुष्का को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जेल सूत्रों के अनुसार डॉ. अनुष्का बैरक के अंदर एक कोना पकड़कर बैठ गई।
किसी की बात का कोई जवाब नहीं दिया
पूरी रात चुपचाप बैठी रही। खाने में सिर्फ दो रोटियां ही खाईं। डॉ. अनुष्का से कुछ महिला बंदियों ने बात करने का प्रयास किया। हालांकि उसने किसी की बात का कोई जवाब नहीं दिया। ज्यादातर महिला बंदी खुद ही उससे दूरी बनाए रहीं। डॉक्टर के हावभाव देखकर समझ आ रहा था कि वह भयभीत है।
महिला बंदी को सामान्य महिला बंदीगृह में रखा गया है। उनके मेडिकल परीक्षण में सब नॉर्मल मिला है। उनको कोई भी अतिरिक्त सुविधा नहीं दी गई है। -डॉ. बीडी पांडेय, जेल अधीक्षक