दो सप्ताह पहले राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल भेजे गए चिड़ियाघर वन्यजीवों के सैंपल की रिपोर्ट न आने पर चिड़ियाघर प्रशासन ने चिड़ियाघर को एक सप्ताह और बंद रखने का निर्णय लिया है। चार बब्बर शेरों के भोजन कम होने के कारण संक्रमण के शक पर उनका सैंपल लेकर जांच को भोपाल भेजा गया। वहीं, पशुपालन विभाग द्वारा पोल्ट्री फार्म से लिए गए 428 मुर्गा-मुर्गियों के सैंपल में से 292 की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
गोरखपुर चिड़ियाघर से कानपुर लाए गए बब्बर शेर पटौदी और मोर की बर्ड फ्लू से मौत के बाद से चिड़ियाघर में संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। चिड़ियाघर में ब्राह्मी बतख की माैत होने का कारण अभी तक पता नहीं चल सका है। बतख के साथ दो बाघिन और अन्य पक्षियों के सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट नहीं आई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी मिट्टी व पानी के नमूने जांच के लिए ले गई है। वहीं, केंद्रीय टीम द्वारा चिड़ियाघर के वन्यजीवों का सैंपल भोपाल और बरेली लैब जांच के लिए भेजा गया है।
अभी तक एक भी रिपोर्ट नहीं आई है। इस कारण चिड़ियाघर प्रशासन ने चिड़ियाघर को दो जून तक बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं, अब शेर (नन्दिनी, उमा, शंकर, असम) के खाना कम खाने के कारण सोमवार को उनका फिर से सैंपल लिया गया है। निदेशक श्रद्धा यादव ने बताया कि प्रोटोकॉल के अनुसार दो बार रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही संक्रमण से मुक्त समझा जाता है। वन्यजीवों के भेजे गए सैंपलों की एक भी रिपोर्ट नहीं आई है इसलिए चिड़ियाघर एक सप्ताह और बंद रहेगा।