कानपुर। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में मंगलवार को हुई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिलास्तरीय समिति की बैठक में डीएम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। कहा कि भविष्य में मिलावटखोरी के मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जीएसटी पंजीयन को निरस्त कराने के लिए भी विभागीय पत्राचार किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष कुमार के कार्य में लापरवाही मिलने और रुचि न लेने पर नोटिस जारी करने को कहा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक खाद्य सुरक्षा अधिकारी को अपने जोन में प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। बैठक के दौरान रंगीन आलू बेचने वाले कारोबारी का मंडी लाइसेंस अब तक निरस्त न होने पर सहायक खाद्य आयुक्त से नाराजगी जताई। उन्होंने मंडी सचिव से स्पष्टीकरण तलब करते हुए संबंधित व्यक्ति का लाइसेंस निरस्त कराने के निर्देश दिए। कहा कि यदि कारोबारी जीएसटी में पंजीकृत है तो सूचना विभाग को भेजकर कार्रवाई करें। बैठक में खाद्य सुरक्षा विभाग ने की गई कार्रवाई का ब्योरा भी पेश किया। बताया कि एक अप्रैल से 15 जुलाई के बीच 249 जगह छापे मारे गए जिनमें 405 खाद्य नमूने लिए गए। 153 नमूने अधोमानक पाए गए। 298 वादों का निस्तारण किया गया और कारोबारियों पर 78.26 लाख का अर्थदंड लगाया गया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा संजय प्रताप सिंह ने बताया कि जून माह में रंगीन आलू, मिलावटी अचार, हानिकारक मोमोज, रंगीन फिंगर चिप्स और मिलावटी टोमेटो सॉस के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।