बीएड की प्रवेश परीक्षा कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया।
कानपुर। सरकारी, अनुदानित और निजी पॉलिटेक्निक में अब मेकाट्रानिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जाएगी। इसका कोर्स कॅरिकुलअम तैयार कर लिया गया है। मेकाट्रानिक्स को कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग का मिला-जुला रूप माना जाता है। इसकी आटोमेशन में जबरदस्त डिमांड है। अमेरिका सहित तमाम देशों में प्राविधिक शिक्षा की पढ़ाई इसी पैटर्न पर कराई जाती है। मेकाट्रानिक्स की पढ़ाई पहली बार होगी। इसकी अनुमति बुधवार को प्राविधिक शिक्षा विभाग से मिल गई है।
पॉलिटेक्निक की पढ़ाई इंडस्ट्री बेस्ड और जॉब ओरिएंटेड बनाने की पहल की गई है। इसके तहत ही शोध विकास संस्थान एवं प्रशिक्षण परिषद (आईआरडीटी) कानपुर ने मेकाट्रानिक्स इंजीनियरिंग का कोर्स डिजाइन किया। प्राविधिक शिक्षा निदेशक ओपी वर्मा का कहना है कि मेकाट्रानिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई उन्हीं पॉलिटेक्निक हो सकती है, जहां मैकेनिकल और इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। इस कोर्स में कई ब्रांच और सब्जेक्ट का स्टडी मैटेरियल शामिल किया गया है। इसमें 10वीं पास स्टूडेंट भी एडमिशन ले सकते हैं। कोर्स संचालित करने से पहले अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से एनबीए एक्रीडिटेशन (शैक्षिक गुणवत्ता प्रमाण पत्र) लेना जरूरी है। इसके बगैर मेकाट्रानिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं कराई जा सकेगी। इस ब्रांच की सीटें अभी तय नहीं है। इसका विस्तृत ब्योरा जुलाई 2016 से पहले जारी कर दिया जाएगा।
11 और कोर्स संचालन की अनुमति मिली
आईआरडीटी ने जो 11 और नए कोर्स डिजाइन किए थे, उसे इसी सत्र (2016-17) से चलाने की मंजूरी प्राविधिक शिक्षा विभाग ने दे दी है। इसकी पुष्टि आईआरडीटी के निदेशक कफिल अहमद ने की है। नए कोर्स का संचालन कानपुर सहित यूपी के 400 से ज्यादा राजकीय, अनुदानित और निजी पॉलिटेक्निकों में होना है। सभी कोर्स इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर और मार्केट को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं।
अब 72 कोर्स की पढ़ाई
राजकीय, अनुदानित और निजी पॉलिटेक्निक में अभी 60 कोर्स की पढ़ाई कराई जा रही है। सत्र 2016-17 से संख्या बढ़कर 72 हो जाएगी। 70 कोर्स को सेमेस्टर सिस्टम पर लेकर जाना है। दो कोर्स नहीं बदले जाएंगे।