उत्तर प्रदेश के महोबा में कुत्तों का खाना पीना बंद कर देने से कुत्ते नरभक्षी होते जा रहे हैं। दो दिन पहले कुत्तों के हमले से वृद्ध की मौत के बाद अब लोग कुत्तों से डरने लगे हैं। बेफिक्र होकर स्कूल से आने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए अभिभावक जिम्मेदारी निभा रहे है। दोपहर के समय स्कूली बसें आने से पहले ही अभिभावक अपने अपने बच्चों को लेने पहुंच गए।
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शहर के मोहल्ला न्यारियनपुरा निवासी शोभराज उर्फ शुभ्भी 60 शराब के अधिक नशे में होने के कारण मदन सागर तालाब के पास रविवार की रात को गिरकर बेहोश हो गया था। तभी कुत्तों ने उसे नोंच नोंचकर मार डाला।
इस घटना ने पूरे शहर केे हिलाकर रख दिया है। अब लोग कुत्तों से भी डरने लगे हैं। बच्चों को बस तक भेजने और लेने के लिए अभिभावक स्वयं जा रहे हैं। उनमें घटना के बाद दहशत पैदा हो गई हैं। शहर में करीब चार हजार से ज्यादा कुत्ते हैं। जिले में कुतों का नसबंदी कार्यक्रम कभी नहीं कराया गया।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ज्ञानेंद्र कटियार का कहना है कि इससे पहले कभी भी कुत्तों द्वारा हमले की घटना नहीं हुई। उनका कहना है कि अब इंसान स्वार्थी हो गया है।
कुत्ता तो दूर तक की बात है अब गायों तक को भी रोटी भोजन नहीं दिया जा रहा है। जिससे गाय सड़कों पर दिनरात बैठी रहती है। कुत्तों को भोजन न मिलने से वह नरभक्षी होते जा रहे हैं।