कानपुर देहात। जिले की सभी पीएचसी में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला आयोजित हुआ। मलासा, राजपुर, अकबरपुर और डेरापुर की पीएचसी में डॉक्टर देरी से पहुंचे। इससे मरीजों को इलाज और परामर्श के लिए इंतजार करना पड़ा।
ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए सरकार के सख्त निर्देश हैं। गांव में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए ही मुख्यमंत्री आरोग्य मेला प्रत्येक रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित किया जाता है। इसमें सुबह 10 से शाम चार बजे तक डॉक्टरों को इलाज करने के निर्देश हैं। इन दिनों ठंड की वजह से लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। हर कोई चाहता है कि गांव स्तर पर ही बेहतर इलाज व डॉक्टरों से परामर्श मिल सके। मगर जिम्मेदार इस मंशा पर पानी फेर रहे हैं।
रविवार को हुए मेले में अकबरपुर ब्लॉक की रुरवाहार पीएचसी में सुबह 10:30 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। जबकि स्टॉफ ने पीएचसी का ताला खोल दिया था। रुरवाहार गांव के आशीष कुमार ने बताया कि पेट में दर्द होने की वजह से दवा लेने पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर नहीं थे। इसी तरह मलासा ब्लॉक की जरसेन और मलासा पीएचसी में सुबह 11 बजे के बाद डॉक्टर पहुंच थे। मलासा गांव के सुंदर कुमार ने बताया कि करीब 11 बजे वह खांसी और जुकाम की दवा लेने पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले थे।
यही हाल राजपुर पीएचसी और डेरापुर ब्लॉक की नुनारी पीएचसी का भी रहा। राजपुर सुबह 11 बजे तक इमरजेंसी डॉक्टर ने मरीजों का उपचार किया। अमरौधा पीएचसी में डॉक्टर से लेकर स्टॉफ तक ड्रेस कोड में नहीं था। जबकि ड्रेस कोड के लिए सीएमओ ने कई बार आदेश जारी किया है। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि देरी से पहुंचने वाले डॉक्टरों से जवाब तलब किया जाएगा।