करीब 650 डॉक्टरों से संपर्क किया
पुलिस ने सबसे पहले बांदा में हाईवे पर पड़ने वाले उस डॉक्टर की तलाश शुरू की, जिसने यह पर्चा लिखा था। 10 महीने तक यह तलाश जारी रही। इस दौरान पुलिस की आठ टीनों ने बांदा के बीच करीब 50 चक्कर लगाते हुए 10 हजार किमी का सफर कर डाला। करीब 650 डॉक्टरों से संपर्क किया।
चाय की दुकान पर मिली अहम जानकारी
हालांकि वह डॉक्टर नहीं मिला, जिसकी तलाश थी। डॉक्टर को तलाशते-तलाशते एक दिन पुलिस टीम संयोग से बबेरू में अतर्रा रोड पर एक चाय की दुकान पर पहुंची और यहीं से मामले के बारे में बड़ी जानकारी मिल गई। यह दुकान दिलीप के भाई रामप्रसाद की थी। फोटो दिखाई, तो उसने भाई को पहचान भी लिया।
विवाद या किसी तरह के लेनदेन के संबंध में जांच शुरू की
बताया कि दिलीप सूरत में मजदूरी करता है और लंबे समय तक घर नहीं आता है। इस बार भी उन्हें यही लगा कि वह सूरत गया होगा। चूंकि मोबाइल वह रखता नहीं, इस वजह से कुछ पता भी नहीं चल पाया। इसके बाद पुलिस ने दिलीप के गांव में विवाद या किसी तरह के लेनदेन के संबंध में जांच शुरू की।
गांव के दोस्त ने ही पैसों के लिए कर दिया था कत्ल
एसीपी घाटमपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि जांच में पता चला कि राम प्रसाद की दुकान के नजदीक ही शिव शंकर सविता की बाल काटने की दुकान थी, जिससे दिलीप का पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। पूछताछ में पता चला कि शव मिलने के एक दिन पहले दिलीप शिव शंकर और उसके ममेरे भाई सुशील के साथ बाइक से निकला था।
शराब पिलाई और चापड़ से वार कर हत्या
इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की, तो हत्या का खुलासा हो गया। शिव शंकर ने बताया कि उसने दिलीप से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। पैसा न लौटाने पड़े, इसलिए उसने हत्या की साजिश रची। कुम्हाऊपुर गांव में तालाब के पास शराब पिलाई और चापड़ से वार कर हत्या कर दी। एडीसीपी दक्षिण अंकिता शर्मा ने ब्लाइंड मर्डर के खुलासे के लिए पुलिस टीम की सराहना की है।