कानपुर देहात। जिला प्रशासन की ओर से भले स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए जा रहे हों, लेकिन अस्पतालों में डॉक्टर व अन्य स्टाफ की मनमानी जारी है। शनिवार को सीएचसी अकबरपुर में दोपहर एक बजे के बाद कोई भी चिकित्सक ओपीडी में नहीं दिखा।
इससे उपचार के लिए आए मरीज भटकते रहे। इस दौरान कई तीमारदारों ने चिकित्सकों पर आवास में रुपये लेकर उपचार करने तथा चिकित्सालय से बाहर की दवा लिखने के आरोप भी लगाए।
डीएम जेपी सिंह के कार्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित अकबरपुर सीएचसी में डॉक्टरों की मनमानी शनिवार को देखने को मिली। अस्पताल में 13 डॉक्टर तैनात हैं। इसमें अधीक्षक डॉ. आईएच खान दोपहर में कर्मचारियों के साथ बैठक करते मिले। इसके अलावा दोपहर एक बजे सभी चिकित्सक ओपीडी से नदारद रहे।
काफी देर परेशान होने के बाद तीमारदारों ने स्वास्थ्य कर्मियों से बात की तो उन्होंने चिकित्सकों के आवास में होने की बात बताई और वहीं जाकर दिखाने को कहा। अकबरपुर पातेपुर के अनूप कुमार ने बताया कि वह 1:16 मिनट पर सीएचसी पहुंचे थे। वहां ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। मुरीदपुर की अर्चना यादव ने बताया कि बुखार आने पर वह 1:20 मिनट पर सीएचसी पहुंची।
वहां डॉक्टर के न होने पर कर्मियों से पूछा तो बताया गया कि वह आवास पर हैं। वहीं जाकर दिखा लो। अर्चन बताती हैं कि डॉक्टर ने बाहर की दवा लिखी और पचास रुपये भी लिया। हांसेमऊ के भानू प्रताप ने बताया कि अकबरपुर सीएचसी में काफी समय से डॉक्टर शुल्क लेकर मरीजों का उपचार करते हैं। ओपीडी में डॉक्टर महज औपचारिकता निभाते हैं। इसी प्रकार कई मरीज अस्पताल में भटकते मिले।
महिला चिकित्सकों की कुर्सी मिली खाली
कानपुर देहात। अकबरपुर सीएचसी में दोपहर करीब 1:23 बजे महिला चिकित्सकों के कक्ष में कुर्सी खाली मिली। वहां टहल रहे कर्मियों ने बताया कि डॉक्टर कुछ समय पहले ही कहीं निकल गई हैं। वहीं रूरा गुजराई की गुड्डी, बारा की सुनीता महिला डॉक्टर का काफी समय तक इंतजार करती मिलीं। इसके बाद डॉक्टर के न आने पर उन्हें वापस जाना पड़ा।
अधीक्षक कक्ष भी मिला सूना
कानपुर देहात। अकरबपुर सीएचसी में घुसते ही पहला कक्ष अधीक्षक डॉ. आईएच खान का है। इसमें ओपीडी की जाती है। यहां भी करीब 1:21 बजे कुर्सी खाली मिली। मौजूद मरीज इंतजार के बाद लौट गए।
सीएचसी गेट से निकलते ही मेडिकल स्टोरों की भरमार
कानपुर देहात। नियमता सरकारी अस्पताल के पांच सौ मीटर की दूरी पर कोई भी मेडिकल स्टोर नहीं होना चाहिए, लेकिन अकबरपुर सीएचसी गेट से निकलते ही कई मेडिकल स्टोर मिल जाएंगे। बड़ी बात यह है कि अस्पताल में तैनात डॉक्टर भी दवा इन्हीं मेडिकल स्टोरों की खिलते हैं।
इससे मरीजों को महंगे दामों पर दवा खरीदनी पड़ती है। इसको लेकर कई बार डीएम ने बैठक के दौरान कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद भी पर्ची लिखने का सिलसिला जारी है। वहीं शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद अकबरपुर सीएचसी परिसर में जलभराव हो गया। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ा।
दो माह से नहीं हो रहा डिजिटल एक्स-रे
कानपुर देहात। अकबरपुर सीएचसी में मरीजों को डिजिटल एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन दो माह पहले एक्स-रे की फिल्म खत्म हो गई। इसके बाद एक्स-रे टेक्नीशियन बृजेश ने अफसरों को अवगत कराया, लेकिन आज तक यह उपलब्ध नहीं हो सकी। जिसकी वजह से मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
डॉ. गजला अंजुम को ईको पार्क भेजा गया था, अन्य डॉक्टर समय से पहले ओपीडी कक्ष में क्यों नहीं थे, इसकी जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आईएच खान, अधीक्षक अकबरपुर सीएचसी