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धंधा कर रहे हैं डॉक्टर, सस्पेंड करो

Wed, 01 Jul 2015 01:57 AM IST
अमर उजाला, कानपुर
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डॉक्टरों ने धंधा बना लिया है। सीएमओ साहब, जब तक तीन-चार डॉक्टर सस्पेंड नहीं होंगे, यह सुधरेंगे नहीं। डॉक्टरों के रूम के सामने दलाल काम कर रहे हैं। हमको भी उल्लू बना रहे हैं।’ डीएम डॉ. रोशन जैकब ने मंगलवार दोपहर जिला अस्पताल उर्सला की ओपीडी में छापा मारा तो मरीजों के हाथ में बाहर की दवाएं देख भड़क उठीं। मरीजों से बात करने पर पर्त दर पर्त डॉक्टरों की कमीशनखोरी सामने आने लगी।
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जो दवा उर्सला में मौजूद थी उसे भी डॉक्टरों ने बाहर का लिखा था। डीएम ने उर्सला के फिजिशियन डॉ. आरके कटियार, ईएनटी सर्जन डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डॉ. कालिका प्रसाद और नेत्र परीक्षण अधिकारी श्वेता बाजपेई के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को आदेश दिया। सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने कहा कि तीनों डॉक्टरों और श्वेता बाजपेई की रिपोर्ट तैयार कर डीएम के पास भेजी जाएगी। इनके खिलाफ कार्रवाई तो तय है।

मंगलवार दोपहर डीएम अचानक उर्सला पहुंच गईं। ओपीडी ब्लॉक के बाहर ही चमनगंज की शमीना के हाथ में बाहर की दवाएं देख कर उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि डॉक्टर ने बाहर की ही दवाएं लिखी हैं। यहां एडवोकेट सौरभ शुक्ला ने डॉक्टरों पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया।
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इसके बाद डीएम ओपीडी के पर्चा काउंटर के पास पहुंच गईं और मरीजों को रोक कर दवाओं के बारे में जानकारी लेनी शुरू की। महिलाओं ने डॉ. आरके कटियार, डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डॉ. कालिका प्रसाद और डॉ. पीएन पार्या का पर्चा दिखाया। सभी पर बाहर की दवाएं लिखी थीं। डॉ. आरके कटियार से डीएम ने पूछा तो उन्होंने कहा कि मरीजों के कहने पर बाहर की दवा लिखी है।

इस पर डीएम ने डॉक्टर को फटकार लगाई और कहा कि मुझे उल्लू मत बनाओ। नेत्र परीक्षण अधिकारी श्वेता बाजपेई ने पोल खुलने पर डीएम से माफी भी मांगी। श्वेता पर आरोप है कि वह उर्सला में ही चश्मा बेचती हैं और 450 रुपये तक वसूलती हैं।

जिलाधिकारी ने उर्सला के डायरेक्टर डॉ. अनुराग कुमार राजवंशी से कहा कि आपने  सभी डॉक्टरों को खुली छूट दे रखी है। इस पर डायरेक्टर ने कहा कि वह जब भी छापा  मारने आते हैं तो दलालों को पता चल  जाता है। डायरेक्टर ने कहा कि बाहर से दवा लिखने के मामले में वह डॉक्टरों को कई बार फटकार लगा चुके हैं। जिलाधिकारी ने पर्चे पर डॉक्टरों का नाम लिखने का आदेश दिया।
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