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किडनी कांडः एसआईटी पर पद्मश्री डॉक्टर से करोड़ों रुपये लेने का आरोप

Wed, 12 Jun 2019 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा सूरज शुक्ला, कानपुर
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किडनी कांड - फोटो : अमर उजाला
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किडनी कांड की जांच कर रही पहली एसआईटी पर करोड़ों रुपये लेकर जांच में खेल करने का आरोप लगा है। इसमें सबसे बड़ा आरोप है कि दिल्ली के एक पद्मश्री डॉक्टर से रुपये लेकर उन्हें जांच के दायरे से बाहर कर दिया। 

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इसके अलावा ये भी आरोप है कि मामले में कई अन्य कई डॉक्टरों और नामचीन हस्तियों को पैसे देकर बचाया गया। प्राथमिक जांच में आए इन तथ्यों के आधार पर ही एसएसपी ने पहली एसआईटी पर कार्रवाई की है।

किडनी कांड खुलासे के बाद दिल्ली के एक नामचीन हॉस्पिटल के पद्मश्री डॉक्टर का नाम आया था। जांच के लिए पहली एसआईटी टीम फरवरी में दिल्ली भी गई थी। आरोप है कि एसआईटी ने कार्रवाई के बजाए अस्पताल व डॉक्टर का नाम जांच के दायरे से ही बाहर कर दिया। 
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इस मामले में डोनर प्रोवाइडर गिरोह के मुख्य आरोपियों में शामिल लखीमपुर खीरी के मैगलगंज निवासी गौरव मिश्रा ने एसआईटी पर आरोप भी लगाया था कि पद्मश्री डॉक्टर ने दो करोड़ रुपये दिए हैं। इसी वजह से उनको जांच से बाहर किया गया है। इसके अलावा कई और बड़े लोगों से लाखों वसूलने का आरोप है।

साक्ष्य जुटाने का हवाला दे रही थी एसआईटी
पुलिस और एसआईटी ने एक-एक कर डोनर प्रोवाइडरों को जेल भेज दिया था। नामजद पीएसआरआई हॉस्पिटल की कोऑर्डिनेटर सुनीता प्रभाकरण और मिथुन समेत अन्य किसी बड़े आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की थी। एसआईटी जब फरवरी में दिल्ली गई थी तो पीएसआरआई हॉस्पिटल के दोनों आरोपी कोऑर्डिनेटरों से पूछताछ की थी। मगर बगैर गिरफ्तारी लौट आई थी। तब एसआईटी का कहना था कि सुबूत जुटाए जा रहे हैं। 

इन पर भी बरती नरमी
मामले में कर्रही निवासी मोहित निगम भी आरोपी है। एसआईटी के अधिकारी कई सप्ताह तक उसको लेकर इधर-उधर घूमते रहे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं एचसीपी के बेटे जुनैद की गिरफ्तारी भी काफी दिनों बाद की थी। 

सर गंगाराम का नाम हटाया
डोनर वरदान और वादिनी संगीता की जांचें सर गंगाराम अस्पताल में कराई गईं थी। अचानक पुलिस ने सर गंगाराम अस्पताल को क्लीन चिट दे दे गई। एसआईटी की इस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

एसआईटी पर जो भी आरोप लगे हैं, उसकी जानकारी हुई थी। एसएसपी को जांच के आदेश दिए गए थे। जांच में मिले तथ्यों पर कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं मामले के जो भी आरोपी हैं, साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी कर जेल भेजा जा रहा है। 
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- आलोक सिंह, आईजी रेंज

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