22 मई तक अभियुक्त को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश
आरोप है कि दहेज में फ्लैट खरीदने के लिए 30 लाख रुपये की मांग पूरी न होने के कारण मंजू को बिल्डिंग की आठवीं मंजिल से फेंक दिया। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि मुकदमे में अभियुक्त डॉ. सुशील कुमार वर्मा के अधिवक्ता की ओर से कुछ समय में उनके आने की बात कही गई, लेकिन शाम तक डॉ. वर्मा कोर्ट नहीं पहुंचे। न ही उनके अधिवक्ता की ओर से कोई प्रार्थना पत्र ही दिया गया। इस पर कोर्ट ने डॉ. वर्मा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर 22 मई तक अभियुक्त को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश जारी किए हैं।