खाली पड़ी डाक्टरों की कुर्सियां
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बुधवार को ओपीडी के समय सर्जन, काउंसलर, फिजीशियन अपने कक्ष में नहीं थे। इनके कक्षों के बाहर मरीज इलाज की आस में जमीन पर लेटे थे। आनंद श्रीवास्तव, तुलसा देवी, किरन देवी, रेशमा बानो आदि ने बताया कि वह डॉक्टर के इंतजार में एक घंटे से अधिक समय से बैठी हैं लेकिन वह नहीं आए। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी मरीजों को उपचार मुहैया नहीं हो पा रहा है। जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते मजबूर होकर मरीज झोलाछाप डॉक्टरों के यहां उपचार कराता है या फिर नर्सिंगहोम में जाने के लिए विवश होता है।
बोले जिम्मेदार
इस समय में मरीज अधिक आ रहे हैं इससे अव्यवस्था हो रही है। ओपीडी ड्यूटी से नदारद रहने वाले डाक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा - रमेश बाबू सीएमएस