कानपुर देहात के डेरापुर इलाके में डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल करने से इलाज के लिए आए रोगियों को झोलाछापों व निजी नर्सिंग होमों का रुख करना पड़ा। सीएचसी डेरापुर में सुबह आठ बजे से ओपीडी का कार्य शुरू हो गया था। चिकित्सक मनोज कुमार, नदीम खां, डा. आईएच खान ओपीडी में बैठकर रोगियों को देख रहे थे।
दोपहर में साथी डाक्टर व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जानकारी पर स्वास्थ्य कर्मियों ने सेवाएं बंद कर दी। इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने के बाद फत्तेपुर निवासी विनोद अपने चार वर्षीय पुत्र सोनू को तेज बुखार का इलाज कराने पहुंचा। चीफ फार्मासिस्ट ने हड़ताल बताकर चलता कर दिया।
सब्दलपुर गांव निवासी मेवालाल की पत्नी रामदेवी की सांस की समस्या हो गई। मेवालाल सीएचसी लेकर पहुंचे। इलाज मुहैया नहीं हो सका। रसूलाबाद जनप्रतिनिधि के मुताबिक सीएचसी एक बजे से ओपीडी बंद कर दी।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीज व उनके तीमारदार इलाज के मिलने के चलते निजी अस्पतालों का रुख करते हुए बैरंग लौट गए। झींझक प्रतिनिधि के मुताबिक कर्मियों व डाक्टरों ने सीएचसी की सभी इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दी। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों व तीमारदारों को समस्या का समाना करना पड़ा।