कोरोना से बचाव के लिए कोई दवा नहीं है। संक्रमण के फैलाव से फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। ऐसे में खुद का स्टैमिना ही काम आएगा। सबसे पहले तो सोशल डिस्टेंसिंग, हाथ धोना आदि तरीके अपनाएं रहें। इसके साथ ही एहतियात बरतें। वायरस हर जगह हो सकता है। सब्जियां लाएं तो कोशिश करें, उन्हें अगले दिन पकाएं। एक दिन रखे रहें। नल में उन्हें धोएं। इसके बाद टब में गुनगुना पानी में नमक डालकर रख दें। इसके साथ सांस तंत्र मजबूत करने वाली यौगिक क्रियाएं अवश्य करें। इससे शरीर का स्टैमिना बढ़ता है और सांस तंत्र मजबूत होता। इस वक्त यह पता नहीं है कि कौन संक्रमण लेकर घूम रहा है।
-डॉ. वीसी रस्तोगी, पूर्व सीएमओ
कोरोना वायरस में तेल जैसा चिकनापन, चिपक जाता है
इस वायरस का अभी कोई इलाज नहीं है। बचाव के लिए तीन बातों का ध्यान रखें। पहला सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। दूसरा हाथ बार-बार धोते रहें और तीसरा मास्क लगाएं। आज हर व्यक्ति के पास मोबाइल फोन है। उसे भी बाहर से आने पर सैनिटाइज करें यानी ऊपर से साफ करें। कोरोना अन्य वायरस से अलग है। इसमें तेल जैसा चिकनापन होता है। इससे यह चिपका रहता है। दूसरे वायरस मानव शरीर से निकलकर झड़कर मर जाते हैं। दरवाजे पर यह 24 से 36 घंटे तक चिपका रह सकता है। इससे हर चीज को छुएं मत।
- डॉ. संतोष कुमार, प्रदेश के पहले गुर्दा रोग विशेषज्ञ, पूर्व मेडिसिन विभागाध्यक्ष