कोरोना संक्रमण का फैलाव अभी तेजी पर है। ऐसे में छोटे-छोटे एहतियात बरते जाएं तो कोरोना संक्रमण से बचाव हो सकता है। यह कहना है कानपुर के सीनियर मोस्ट चिकित्सा विशेषज्ञों का। उन्होंने यह भी कहा है कि इस महामारी के खौफ से अवसाद ग्रस्त होने की भी जरूरत नहीं।
अन्य वायरल संक्रमण की तरह कोरोना के खिलाफ भी हर्ड इम्युनिटी जिसे प्राकृतिक टीकाकरण कहते हैं, विकसित होगी। हर्ड इम्युनिटी होने पर कोविड-19 भले ही वातावरण में समाया रहे लेकिन कुछ बिगाड़ नहीं पाएगा।
हर्ड इम्युनिटी से बेअसर हो जाएगा कोरोना
हर्ड इम्युनिटी विकसित होने पर कोरोना वायरस बेअसर हो जाएगा। माहौल में घूमता रहेगा लेकिन नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। हर्ड इम्युनिटी प्राकृतिक टीकाकरण होता है। यह इम्युनिटी हल्का संक्रमण होने पर व्यक्ति में विकसित हो जाती है। शरीर में एंटी बॉडीज रहती हैं जो वायरस के आने पर उसे खत्म कर देती हैं। लेकिन जब तक यह विकसित नहीं होती है, तब तक एहतियात बरतने की जरूरत है। उसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, हाथों की सफाई आदि जो तरीके बताए जा रहे हैं, उनका पालन करें। अधिकांश लोगों में यह संक्रमण सामान्य ही रहता है, बहुत कम लोगों में यह एआरडीएस पैदा करता है।
- डॉ. एसके कटियार, जोनल चेयरमैन, नेशनल कॉलेज चेस्ट फिजीशियंस इंडिया