कानपुर ऑब्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी (कॉग्सी) के बैनर तले सेमिनार का आयोजन शनिवार को स्वरूपनगर स्थित एक होटल में किया गया। बताया गया कि बेटियों में अगर खून की कमी हो तो उसे फौरन डॉक्टर को दिखाएं। यह गर्भाश्य की झिल्ली की बीमारी एंडोमेट्रियोसिस का लक्षण है।
इसके साथ ही बच्चियों को सोया से बने उत्पादों का अधिक सेवन न करने दें। इससे शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की अधिकता हो जाती है जिससे यह रोग हो सकता है। अगर समय से उपचार न हो तो एंडोमेट्रियोसिस से बांझपन हो सकता है।