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फर्जी कॉल से हिल गया जिला, मुख्यमंत्री कार्यालय का नुमाइंदा बताकर आदेश ही कुछ ऐसा दिया था

Sat, 08 Sep 2018 10:32 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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यूपी के फतेहपुर जिले में खागा नगर पंचायत की ईओ दीपिका शुक्ला के निलंबन मामले में शनिवार को अजीब मोड़ आ गया। मुख्यमंत्री कार्यालय का नुमाइंदा बताकर एक शख्स ने फोन कर ईओ के निलंबन को निरस्त करवाने की बात कही। डीएम ने पड़ताल कराया तो मामला फर्जी फोन का निकला। डीएम ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए कहा है।
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बता दें कि शासन के आदेश पर शुक्रवार को खागा नगर पंचायत की ईओ दीपिका शुक्ला को निलंबित कर उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक ईओ के पास इसी दिन शाम को ही सीधे मुख्यमंत्री से निलंबन रुकवाने के नाम पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय का खास बताते हुए पूरी अधिशासी अधिकारी को निलंबन आदेश रिसीव न कराने की को कहा।

इतना ही नहीं कुछ देर बाद मोबाइल नंबर 8115088881 से देवेंद्र शुक्ला नाम के व्यक्ति का फोन जिलाधिकारी आफिस में मोबाइल पर आया। डीएम के स्टेनो ने कॉल रिसीव की। मोबाइल में ट्रू कॉलर ऐप डाउनलोड होने के कारण स्क्रीन पर सीएम ऑफिस लखनऊ का नाम डिस्प्ले हुआ। फोन करने वाले व्यक्ति ने आदेशात्मक लहजे में कहा कि खागा की अधिशाषी अधिकारी दीपिका शुक्ला को खागा में ही तैनात रहने दिया जाए। उनके निलंबित के निरस्तीकरण का आदेश मुख्यमंत्री कार्यालय से शीघ्र ही पहुंच जाएगा।
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कथित आदेश को लगभग सरकारी मान भी लिया गया

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कॉल करने वाले की भाषा शैली इतनी सधी हुई थी कि उसके कथित आदेश को लगभग सरकारी मान भी लिया गया। सूत्रों की मानें तो कॉल करने वाले ने ईओ से उन्हें सीधे सीएम कार्यालय से बहाल कराने के नाम पर समझौता भी किया। निलंबन रुकवाने के लिए ईओ ने उस फर्जी रहनुमा को मांगे गए कागजात उपलब्ध कराए। उधर, प्रकरण जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के संज्ञान में आते ही जांच में पूरा मामला फर्जी निकला।  

डीएम ने इस मसले में मुख्यमंत्री कार्यालय के नाम इस्तेमाल कर फर्जी फोन करने वाले देवेंद्र शुक्ला नाम के व्यक्ति पर एफआईआर का आदेश दिया है। डीएम ने कहा है कि जिस नंबर से कॉल आई थी, उसकी पूरी कॉल डिटेल निकाल कर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।  
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