15 दिन में धनराशि का इंतजाम हुआ
इनके पास कृषि के लिए उतनी ही जमीन थी, जो बंधक थी। इसके बाद बैंक अधिकारियों को बुलाकर ऋण मोचन योजना की जानकारी ली। योजना के तहत सभी किसानों के ऋण में छूट दिलाई और बची धनराशि के लिए सामाजिक लोगों से अपील की। 15 दिन में धनराशि का इंतजाम हुआ और बैंक में जमा कराया गया। सभी किसानों की जमीन एक सप्ताह में बैंक से बंधक मुक्त हो जाएगी।
ये ऐसे किसान थे, जो बहुत निर्धन हैं। इनके पास खुद की कोई जमीन नहीं बची थी। उनकी मजबूरी को देखते हुए मदद करने का निर्णय लिया। लोगों के सहयोग से बैंक में ऋण जमा करा दिया और सभी की जमीन बंधक मुक्त हो गईं। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
31 तक गरीब परिवारों का चयन न होने पर होगी कार्रवाई
सीडीओ दीक्षा जैन ने शनिवार को विकास भवन में जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के तहत गरीब परिवारों को आवास देने की समीक्षा की। इसमें पता चला कि जिले में 13591 गरीब परिवारों को आवास देना था, विभाग ने 11492 परिवारों को चिह्नित किया है। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। बताया कि दो दिन बाद इस योजना के तहत बजट वापस हो जाएगा, लिहाजा 31 मार्च तक 458 आवास के लिए गरीब परिवारों को चुन लें। चेतावनी दी कि ऐसा न कर पाने पर कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ ने फैमिली आईडी, पीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और मनरेगा कार्यों की प्रगति जानी।
लापरवाही पर तीन बीडीओ का वेतन रोका
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लापरवाही और काम में शिथिलता बरतने पर सीडीओ दीक्षा जैन ने भीतरगांव, घाटमपुर और पतारा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारियों का मार्च महीने का वेतन रोक दिया। भीतरगांव में 652 के सापेक्ष 39, ककवन में 43, पतारा में 277, कल्याणपुर में 26 और शिवराजपुर में 29 के सापेक्ष शून्य आवास पूरे किए गए हैं।