कानपुर। शहर में प्रस्तावित मेट्रो प्रोजेक्ट की अटकी गाड़ी को अक्तूबर-नवंबर में हरी झंडी मिलने की उम्मीद बंध गई है। प्रदेश सरकार ने बुधवार को इलाहाबाद में मेट्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने को मंजूरी देकर केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। फिलहाल कानपुर मेट्रो का प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की मंजूरी के प्लेटफार्म पर अटका है। केडीए ने अर्बन मास ट्रांसपोर्ट कंपनी (यूएमटीसी) के जरिए की गई क्विक स्टडी रिपोर्ट भी डेढ़ माह पूर्व शहरी विकास मंत्रालय में सबमिट कर दी है।
मेट्रो प्रोजेक्ट को साकार होने में केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त भूमिका होती है। प्रोजेक्ट में दोनों ही सरकारें फंड देती हैं। इसके अलावा विभागों की एनओसी भी दोनों ही सरकारें जारी करती हैं। मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू होने से राजनीतिक फायदे का गणित केंद्र और प्रदेश की सरकारें लगा रही हैं। दोनों ही सरकारों की प्राथमिकता में विकास शामिल है। प्रदेश में गाजियाबाद में मेट्रो प्रोजेक्ट का काम जारी है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने लखनऊ, कानपुर, बनारस, मेरठ की डीपीआर बनवा ली है। अब इलाहाबाद की डीपीआर बनाने को मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार के इस कदम से अब मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद बंध गई है कि विकास के नाम पर केंद्र सरकार भी मंत्रालय में अटकी डीपीआर को जल्द मंजूरी दे सकती है। हालांकि इस प्रक्रिया में करीब दो माह का समय लग सकता है।