पुलिस ने मामले में छेड़छाड़, मारपीट, धमकी देने समेत गैर इरादतन हत्या का प्रयास जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया था। हालांकि जांच में सामने आया है कि युवती व उसके परिवारीजनों का आरोपियों से पुराना विवाद चल रहा है। इस विवाद में दिव्यांग से मारपीट हुई थी। पुलिस अब छेड़छाड़ की वारदात को इंकार कर रही है।
ये है पूरा मामला
कानपुर के कर्नलगंज में छेड़छाड़ के विरोध करने पर तीन शोहदों ने दिव्यांग युवती को सरेराह पीट दिया। पिटाई से पीड़िता को आंखों से दिखाई देना बंद हो गया। रविवार देर रात पुलिस ने युवती के परिजनों की तहरीर पर आरोपियों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। तीनों आरोपी फरार हैं।
ईदगाह कॉलोनी निवासी युवती की एक आंख पहले से खराब थी। आरोप है कि इलाकाई निवासी बउवा, राजू उर्फ भालू और कल्लू आए दिन छेड़छाड़ करते हैं। 11 सितंबर की दोपहर युवती घर का सामान लेने बाजार जा रही थी। तभी रास्ते में इन तीनों ने उसे दबोच लिया और पार्क में उठा ले गए। युवती के चीखने चिल्लाने पर शोहदों ने उसकी लात घूसों से पिटाई कर दी।
इससे वह बेहोश हो गई। इलाकाई लोगों के इकट्ठा होने पर शोहदे भाग निकले। उसकी आंख से खून बहने लगा। परिजनों ने उसे उर्सला में भर्ती कराया है। उसे दोनों आंखों से दिखाई नहीं दे रहा है। कर्नलगंज थाने के एसएसआई परवेज अली ने बताया कि शोहदों के खिलाफ छेड़छाड़, गाली-गलौज, मारपीट समेत हत्या का प्रयास की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है।