देश में 3 तलाक के विरोध में सुर उठने लगे है। सबसे पहले सहारनपुर की आतिया साबरी खुलकर सामने आई और इसका विरोध किया जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट भी अब इस मामले में सुनवाई कर रही है।अब कानपुर में भी एक मुस्लिम महिला ने 3 तलाक का विरोध किया है। यह मामला इसलिए भी ज्यादा गंभीर है क्योंकि इस महिला का पति सरकारी अधिकारी है। तलाक़ के विरोध में आवाज़ उठाने वाली कानपुर की इस महिला का नाम आलिया सिद्दकी है और आलिया खुद का अपना कारोबार करती है। उसकी शादी 23 नवम्बर, 2016 को वर्तमान में बिजनौर में सहायक श्रम आयुक्त के पद पर तैनात नासिर खान के साथ हुई थी। आलिया का आरोप है की शादी से पहले और शादी वाले दिन नासिर और उसके परिवार ने दहेज़ की मांग की लेकिन रिश्तेदारों का वास्ता देकर किसी तरह से शादी में बाधा ना डालने के लिए राज़ी कर लिया. इसके बाद उसी दिन शाम को उसकी विदाई हुई और आलिया अपने पति व ससुरालवालों के साथ उनके पैतृक गाँव छिपरामऊ के लिए रवाना हो गए।
नासिर पहले से शादीशुदा हैं
आलिया को पति ने स्पीड पोस्ट में भेजा तीन तलाक का फरमान
आलिया के अनुसार रास्ते में सब लोग कानपुर के होटल लैंडमार्क में रुके जहाँ सेफ्टी के नाम पर उनकी सास ने सभी गहने ले लिए और नासिर को आलिया के साथ होटल में रुकने को कहकर छिपरामऊ चले गए। आलिया का आरोप है की जब 24 को वो नासिर के साथ अपनी ससुराल पहुंची तो उसको पता चला की नासिर पहले से शादीशुदा है। जब आलिया ने नासिर से पुछा तो उसने कहा की वह पहली पत्नी को तलाक़ दे चुका है। लेकिन जब आलिया ने विरोध किया तो उसको धक्के मारकर ससुराल से निकल दिया गया। मायके वापस आने के बाद आलिया परेशान रहने लगी लेकिन परिवार वालों के समझाने के बाद जनवरी 2017 में फिर से ससुराल गयी लेकिन उसको घर में नहीं घुसने दिया गया और पैसे की मांग की गयी। आलिया के अनुसार जब उसने पता किया तो पता चला की नासिर की पहली पत्नी अभी भी कानूनन उसकी बीवी है और उसने नासिर के ऊपर मुक़दमे भी कर रखे है।
तीन तलाक का स्पीड पोस्ट दिखाती हुई आलिया
30 जनवरी को स्पीड पोस्ट मिला
आलिया फिर से मायके वापस आ गयी और 30 जनवरी को उसको एक स्पीड पोस्ट मिला जिसके अंदर 3 तलाक के कागजात थे. उसमे से पहला तलाक 23 नवम्बर की शाम को दर्शाया गया था और उस दिन आलिया-नासिर की शादी थी। आलिया ने इस तरह के तलाक का विरोध किया और तत्कालीन श्रम मंत्री, सीएम और गवर्नर को पत्र लिखा लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। आलिया का यह भी आरोप है की उसके पति सामान्य जाति के है लेकिन उन्होंने अपने को पिछड़ा जाति का दर्शा कर नौकरी ली है। उनका यह भी कहना है की सर्विस रूल्स और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार एक सरकारी अधिकारी एक से ज्यादा जीवित पत्नी नहीं रख सकता जबकि नासिर की 2 जीवित पत्नियाँ है।
तलाक का जमकर विरोध किया
आलिया ने 3 तलाक का जमकर विरोध किया है और इस मामले में केंद्र सरकार और प्रदेश की योगी सरकार के साथ सुप्रीम कोर्ट और कानून पर भरोसा जताया है। उनका कहना है की इस तरह के 3 तलाक के खिलाफ और नासिर की धोखाधड़ी के खिलाफ वो सीएम योगी से मिलेंगी और अपनी बात रखेंगी। आलिया का कहना है की वो मीडिया के सामने खुद आई है क्योंकि वो अपने साथ साथ इस तरह से 3 तलाक से पीड़ित हर मुस्लिम महिला की लडाई लड़ना चाहती है।