मुरी एक्सप्रेस दुर्घटना के चलतेे क्षतिग्रस्त हुई रेल लाइन को बनाने के लिए पटरी लेकर जा रही डिवीजन मेटेरियल ट्रेन (डीएमटी) भी शुक्रवार को कानपुर और इलाहाबाद के बीच भरवारी के पास पटरी से उतर गई। जिसके चलते इस ट्रैक पर छह घंटे यातायात बाधित रहा। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) विजय कुमार ने घटना की पुष्टि की और कहा कि एक हफ्ते के भीतर दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर दो ट्रेनों का पटरी से उतरना चिंता का विषय है। डीएमटी के बेपटरी होने की भी जांच होगी। सीपीआरओ ने बताया कि इन दोनों घटनाओं के चलते ट्रेनों की लेटलतीफी देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने पांच ट्रेनों को निरस्त कर दिया है, जबकि अन्य ट्रेनें देरी से सेंट्रल पहुंची।
डीएमटी के डिरेलमेंट के बाबत मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर 3:10 बजे डीएमटी इलाहाबाद से मुरी एक्सप्रेस की ब्रेकडाउन साइट अथसराय जा रही थी। इसी बीच मुरी ब्रेकडाउन साइट से करीब 30 किमी पहले भरवारी के पास डीएमटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। डीएमटी में पटरियां लदी हुईं थंी। कुशल यह रही कि डीएमटी लूप लाइन पर दुर्घटनाग्रस्त हुई, वरना मुसीबत और बढ़ जाती। हालांकि इस घटना के इसके चलते इलाहाबाद से कानपुर की ओर (अप लाइन) का ट्रैक बाधित हो गया। यह जानकारी मिलते ही रेल महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में डीएमटी को फिर से ट्रैक पर लाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सबसे पहले पटरी से उतरे कोचों को उठवाया, इसके बाद ट्रैक दुरुस्त किया गया। करीब सवा घंटे बाद अप लाइन से पहली ट्रेन शाम 4:20 पर रवाना की गई, लेकिन रेल यातायात पूरी तरह सामान्य रात 9.25 बजे हुआ। फजीहत से बचने के लिए रेल प्रशासन ने इस मामले में पूरी तरह से खामोशी बनाए रखी। ‘अमर उजाला’ रिपोर्टर को जब इसकी खबर मिली और उसने अधिकारियों से पुष्टि करनी चाही तो उसे लगातार टाला जाता रहा। किसी भी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की। बस यही बताते रहे कि मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया कोई खास बात नहीं है। शनिवार को सीपीआरओ ने घटना की पुष्टि की और जांच की बात भी कही। यह पहला मौका है जब दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर एक हफ्ते के भीतर दो ट्रेनें बेपटरी हो गईं। डीएमटी के बेपटरी होने से पहले 25 मई की दोपहर 1:47 बजे सिराथू और अथसराय स्टेशन के बीच मुरी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी, इस हादसे में तीन यात्रियों की मौत हुई थी और कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे।