दिवाकर के पक्ष ने बताया कि जब्तीकरण की कार्यवाही गलत है और राजनीतिक द्वेष के कारण की गई है। आरोप लगाया कि जानबूझकर झूठी बरामदगी दर्शाकर जब्ती की संस्तुति की गई है। वहीं, सहायक अभियोजन अधिकारी ने कहा कि पुलिस आख्या से साफ है कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि खाली बोतलों में अवैध शराब भरकर बेंचते थे।
दलीलों के बाद कोर्ट ने वाहन जब्त करने के आदेश जारी कर दिए। चूंकि संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) ने वाहन का वर्तमान न्यूनतम मूल्य बीस हजार रुपये निर्धारित किया था। इसलिए कोर्ट ने वाहन जब्त करने और बीस हजार रुपये जमा करने पर वाहन रिलीज करने के आदेश जारी किए दिए।