कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की पहल पर राजकीय जिला पुस्तकालय का स्वरुप बदल गया है। कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि से करीब 20 लाख रुपये खर्च कर इसका आधुनिकीकरण किया गया है। अब यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहतर अध्ययन केंद्र बन गया है।
आधुनिकीकरण के बाद पुस्तकालय में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां 60-70 छात्रों के बैठने की व्यवस्था थी, उसे बढ़ाकर करीब 120 सीट कर दिया गया है। यहां कुर्सी-मेज, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और आरओ शुद्ध पेयजल जैसी सुविधाएँ विकसित की गई हैं।
बुधवार को जिलाधिकारी ने पुस्तकालय का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों से संवाद कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। छात्रों ने पुस्तकों, पेयजल और अध्ययन माहौल को बेहतर बताया। जिलाधिकारी ने भविष्य में भी पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने का भरोसा दिया।
पुस्तकालय में अब 67,000 से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के साथ साहित्य, विज्ञान, गणित और इतिहास की पुस्तकें भी हैं। महान व्यक्तित्वों की जीवनियाँ और संस्कृति से जुड़ी किताबें भी शामिल हैं। सभी प्रमुख समाचार पत्र और पत्रिकाएँ नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। पुस्तकालय प्रभारी के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन करीब 50 छात्र-छात्राएँ यहां अध्ययन करते हैं।