जिम्मेदार अफसरों ने बरती है लापरवाही
इसमें अंक के अनुसार ग्रेड भी दिया जाता है। जिन परियोजनाओं में डी और ई ग्रेड मिलता है, उनकी प्रगति सबसे खराब मानी जाती है। ई ग्रेड में 10 में एक या दो और डी ग्रेड में तीन या चार अंक मिलते हैं। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह हर माह बैठक कर विकास कार्यों की गति सुधारने के लिए नोटिस भी जारी करते रहते हैं, फिर भी जिम्मेदार अफसरों ने लापरवाही बरती।
इन परियोजनाओं को मिला ई ग्रेड
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, समाज कल्याण विभाग की सामान्य वर्ग की दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना, विद्युत बिल में सुधार, सहकारी दुग्ध समिति गठन, फैमिली आईडी, पिछड़ा वर्ग की दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की प्रगति जिले में सबसे खराब रही।
इन परियोजनाओं को मिला डी ग्रेड
समाज कल्याण विभाग की अनुसूचित जाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना, पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना पिछड़ा वर्ग, पशु टीकाकरण, निपुण परीक्षा आंकलन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), भवन निर्माण, डे एनआरएलएम बैंक क्रेडिट लिंकेज, पूर्व दशम, दशमोत्तर छात्रवृत्ति अल्पसंख्यक कल्याण, निर्माण कार्य परियोजना (सीएमआईएस)।