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Kanpur News: जिला भाजपा की गुटबाजी खुलकर सामने आई

Tue, 19 Aug 2025 01:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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एक होटल में वार्ता के दौरान जानकारी देते भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला, राजेश तिवारी व 
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कानपुर देहात। जिला भाजपा की गुटबाजी सोमवार को खुलकर सामने आ गई। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला व उनके पति पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी के खिलाफ पार्टी के एक गुट ने मोर्चा खोल दिया। पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला व रनियां-विधानसभा प्रभारी डॉ. सतीश शुक्ला ने सोमवार को अकबरपुर के शहजादपुर स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता करके राज्यमंत्री और उनके पति पर 22 गंभीर आरोप लगाए हैं।
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वहीं, राज्यमंत्री और उनके पति पूर्व सांसद ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। इनका कहना है कि आरोप लगाने वालों की कोई स्वतंत्र पहचान नहीं है। सभी सांसद के प्यादे हैं।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी व पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला व रनियां-विधानसभा के प्रभारी डॉ. सतीश शुक्ला प्रेसवार्ता में ने आरोप लगाया कि कई दलों से विश्वासघात करके भाजपा में आए पूर्व सांसद व राज्यमंत्री आए दिन पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रहे हैं। ब्राह्मण के नाम पर जातीय विद्वेष पैदा करके धन उगाही में लिप्त हैं। दोनों लोग संगठन और सरकार की स्वच्छ छवि को खराब कर रहे हैं। ईमानदार मुख्यमंत्री की छवि पर धब्बा लगा रहे हैं। जबकि सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।
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इन लोगों ने आरोप लगाया कि जिस प्रकार से अकबरपुर थाने में धरने के दौरान उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के प्रति बयान दिया गया वह पार्टी के विरुद्ध दिया गया बयान है और निंदनीय है। यह भाजपा की रीति-नीति नहीं है। कहा कि पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी खुद को सबसे बड़ा ब्राह्मण नेता बताते हैं जबकि असल में वह हैं नहीं।



इस मौके पर पूर्व महिला मोर्चा की अध्यक्ष अर्चना मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष रामजी मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष शिवली अवधेश शुक्ला, प्रधान संघ अध्यक्ष दिनेश मिश्रा, विद्यासागर त्रिपाठी, अरुण दुबे, बृजेश त्रिपाठी, प्रद्युम्न शुक्ला, मंडल अध्यक्ष शिव विलास मिश्रा, सुनील शर्मा, श्यामू शुक्ला, श्याम तिवारी, अंश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।



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ये हैं 22 बिंदुओं के आरोप



1 - साल 2017 में भाजपा में शामिल हुए उससे पहले बसपा व सपा में थे।



2 - मैथा सोसायटी के सचिव राकेश मिश्रा के साथ गाली-गलौज व जूतों से मारने की धमकी का ऑडियो वायरल।



3 - 16 फरवरी 2023 को मैं हूं ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष को मां बहन की गालियां एवं हरिजन एक्ट में फंसाया गया। उनकी मुंह बोली बहन द्वारा समस्त ब्राह्मण समाज को गाली दी गई। विगत वर्षों में ट्रैफिक दरोगा को गाली-गलौज व थप्पड़ मारा गया।



4- 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का विरोध किया, जिसका ऑडियो वायरल है।



5- 2024 के लोकसभा चुनाव में भी विरोध किया। वर्तमान भाजपा सांसद को सांसद नहीं मानते हैं, जिसके ऑडियो वायरल हैं।



6- एक मार्च 2024 को खनन माफिया के समर्थन में रनियां थाने में धरना प्रदर्शन व कैबिनेट मंत्री के लिए अपशब्द का ऑडियो वायरल है।



7- 17 फरवरी 2023 को मड़ौली कांड में ब्राह्मण मां-बेटी की हत्या पर खुलकर विरोध किया। बयान कि महिलाएं धमकाने के लिए उठाती हैं ऐसे कदम।



8- पूर्व में भी कई बार धरने पर बैठ चुके हैं वारसी दंपती।



9 - सीडीओ सौम्या पांडेय के खिलाफ विकास भवन में धरने पर बैठ चुके हैं वारसी दंपती।



10 - 30 दिसंबर 2024 को कानपुर के बर्रा थाने में इंस्पेक्टर के खिलाफ धरने पर बैठ चुके हैं वारसी दंपती।



11 - 09 अक्तूबर 2021 को एआरटीओ के खिलाफ धरने पर बैठ चुके हैं वारसी दंपती।



12 - वर्ष 2021-22 में परशुराम न्यास बनाने के लिए नागिनजसी नवीपुर में नगर पंचायत की विवादित जमीन पर धन खर्च करने का प्रयास। विरोध होने पर विधायक निधि से दिए गए 25 लाख रुपये वापस हुए।



13- वर्तमान में खानचंद्रपुर रनियां स्थित फैक्टरी वारसी कैमिकल पर एनजीटी का करोड़ों रुपये बकाया है।



14 - प्रभाव का गलत इस्तेमाल करके लोगों का धमकाकर चंदा लेना। 28 जनवरी 2025 सुबह 9:41 बजे जिसके प्रमाण मौजूद हैं। चंदा न देने पर जिलाधिकारी कार्यालय में 30 जनवरी 2025 को धरना देना।



15 -वरिष्ठ भाजपा नेता स्व. संतोष शुक्ल व आठ पुलिस कर्मियों के हत्यारे विकास दुबे के भाई अनुराग दुबे व परिजनों को साथ लेकर चलना व संरक्षण देना।



16- 25 मई 2024 को पूरे जनपद में वारसी दंपती द्वारा खनन माफिया को संरक्षण देना एवं जो बात न माने उसको धमकी देना इनकी हठधर्मिता बन चुकी है। थाना शिवली में स्वयं तहरीर दी।



17- वारसी दंपती सगे भाई व देवर अखिलेश कुमार शुक्ला से विधायक निधि के सारे कार्य कराते है, जो नियमों के विरुद्ध है जिसके प्रमाण उपलब्ध है।



18- 24 जुलाई 2025 को वर्तमान वारसी दंपती द्वारा अनैतिक दबाव व अनैतिक कार्य कराने की जिद के चलते थाना अकबरपुर में जिला अधिकारी, परगना अधिकारी, थाना प्रभारी, अधिशाषी अधिकारी, लेखपाल, चौकी इंचार्ज सहित स्थानीय भाजपा सांसद व चेयरमैन एवं सभासदों के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग करना तथा सभी अधिकारियों को जेल में डलवाने व हटवाने की धमकी देना। सभी घटनाओं के वीडियो वायरल हैं। वारसी दंपती द्वारा प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल करना इनकी आदत में आ चुका है।



19 - समर्पित भाजपा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग करना तथा वर्तमान सांसद को सांसद न मानना आदि घटनाएं इनकी मानसिकता को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त अनेक घटनाएं संगठन व सरकार विरोधी धरना प्रदर्शन किए जा चुके हैं।



20 - मेडिकल कॉलेज अकबरपुर में आउटसोर्स से भर्ती किए जा रहे कर्मचारियों के चयन में 12 लोगों की सूची देकर नियम विरुद्ध नियुक्त करने के लिए कई बार दबाव बनाया गया। प्रधानाचार्य के मना करने पर उनके विरुद्ध झूठी रिपोर्ट लिखवाई।



21 -27 मई 2024 को पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी द्वारा कानपुर रिंग रोड परियोजना के निर्माण के लिए राज कार्पोरेशन लिमिटेड से 25 लाख रुपये की मांग करना, मांग पूरी न होने पर कर्मचारियों से मारपीट करना, जिसकी आरसीएल कंपनी द्वारा एनएचएआई को लिखित शिकायती पत्र दिया गया।



22 - मिश्रिख लोकसभा के तहत बिल्हौर विधानसभा में धन उगाही के लिए ठेकेदारों को विभिन्न तरीके से प्रताड़ित करना।



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फोटो-31 पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी।



फोटो-32 राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला।



सभी आरोप झूठ का पुलिंदा, जनता सब जानती है : राज्यमंत्री



कानपुर देहात। पार्टी नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों के जवाब में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि प्रेसवार्ता में शामिल नेता विरोधी खेमे के हैं। इनकी कोई स्वतंत्र पहचान नहीं है। मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप झूठ का पुलिंदा हैं। जनता सब जानती है।



मंत्री ने कहा कि उन्हें भी आरोपों की कॉपी मिली है। आरोप के सभी बिंदुओं का खंडन करती हूं। ब्राह्मण को ब्राह्मण के खिलाफ लड़ाने की राजनीति की जा रही है, ताकि विरोध हो सके। जन्म से कोई ब्राह्मण नहीं होता। कर्म से ब्राह्मण होता है। अन्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठाई है। पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला स्वयं कोई निर्णय नहीं ले सकते हैं। उनकी इतनी क्षमता नहीं है। यही स्थित पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी की है। वह तो मेरे जानी दुश्मन हैं। वह पुखरायां निवासी हैं। उनकी विधानसभा का मुझसे सरोकार नहीं है।



डॉ. सतीश शुक्ला की विधानसभा में दावेदारी की मंशा है। पूर्व महिला मोर्चा की अध्यक्ष अर्चना मिश्रा मेरे विरोध में चुनाव लड़ चुकी हैं। भाजपा में आकर लगातार ईमानदारी से काम किया है। कार्यकर्ताओं के हित के लिए हमेशा आवाज उठाई है। राजनीति में एक समाज से काम नहीं होता है। मैंने अनुसूचित समाज का वोट भाजपा को दिलाने का काम किया है।



मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जी साधु हैं। ईमानदार हैं। उनकी छवि कतई खराब नहीं की है। वह विरोधी खेमे के आरोपों का कतई समर्थन नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री से मिलकर बिंदुवार स्थिति साफ की जाएगी। इसके बाद प्रेसवार्ता में विरोधी गतिविधि करने वालों का चिट्ठा खोला जाएगा।
वहीं, पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी ने कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कोई भी धरना कार्यकर्ता व जनता के हित में उठाया गया कदम है। जो लोग प्रेसवार्ता में शामिल थे उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। सभी के खिलाफ अवमानना का नोटिस वकील के माध्यम से भेजा जाएगा।



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मौजूदा विधायकों का उद्देश्य चलती ट्रेन में चढ़ना : मनोज शुक्ला



भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला ने कहा कि जिले में मौजूदा चारों विधायकों में कोई भी भाजपा का मूल कार्यकर्ता नहीं है। इन सभी का उद्देश्य चलती ट्रेन में चढ़ना और गंतव्य तक पहुंचना है। जितने भी जनप्रतिनिधि आए हैं, भोगनीपुर, सिकंदरा, रसूलाबाद हो या अकबरपुर-रनियां, सभी ने कानपुर देहात को चरागाह बना रखा है। अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए रात दो बजे तक जागते हैं।
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