कानपुर में बिठूर के लवकुश नगर स्थित शिवधाम आश्रम में महंत स्वामी प्रकाशानंद के निधन के बाद उपजी अशांति की वजह करोड़ों रुपये की संपत्ति बनी है। आश्रम एक बीघे से अधिक जमीन पर बना है। इलाके में प्रचलित दर के हिसाब से सिर्फ जमीन की ही कीमत दो से ढाई करोड़ है।
इतनी ही रकम भव्य आश्रम के निर्माण में भी लगी होने का अनुमान है। इस तरह सारी संपत्ति चार से पांच करोड़ की कीमत की बैठती है। यही वजह है कि दो पक्ष इस पर अपना दावा पेश कर रहे हैं। विवाद पुलिस-प्रशासन के पास पहुंच गया है।
पुलिस ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश देते हुए प्रशासनिक अफसरों को भी इसकी जानकारी दी है। आश्रम पर कब्जे के लिए गुरुवार से विवाद और धरना-प्रदर्शन चल रहा है। इसे देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है। महंत ब्रजानंद अवधूत बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ शुक्रवार को भी आश्रम में डटे रहे।
दूसरी तरफ डॉ. रेनू तिवारी ने भी दावा किया है कि आश्रम के उत्तराधिकारी संबंधी दस्तावेज उनके पास हैं। खींचतान के बीच मामले में पुलिस-प्रशासन को दखल देना पड़ा है। अब दोनों पक्षों की ओर से पेश किए जा रहे दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसमें जिसके कागजात सही होंगे, उसे ही आश्रम का कब्जा मिलेगा।