उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक प्रतिनिधि पद के चुनाव के नामांकन के दौरान सपा और भाजपा समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। भाजपा समर्थकों ने छतों से पथराव शुरू कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। दोनों पक्षों में करीब चार घंटे तक झड़प होती रही। पथराव करने वालों ने एक कार भी क्षतिग्रस्त कर दी।
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सदर विधायक समेत कई सपा नेताओं के साथ धक्का-मुक्की हुई। कई लोग जबरन नामांकन कक्ष में घुस गए। मौके पर कई थानों से पुलिस पहुंच गई। बैंक शाखा छावनी में तब्दील कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर समर्थकों को तितर-बितर किया। सपाइयों ने भाजपा समर्थकों पर पुलिस की मिलीभगत से तीन बार प्रत्याशी से नामांकन पत्र छीनकर फाड़ने का आरोप लगाया।
कार्रवाई की मांग को लेकर सपाइयों ने धरना प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। कड़ी सुरक्षा में सपा और भाजपा प्रत्याशी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। एक सितंबर को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक में अध्यक्ष पद का चुनाव होना है।
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बुधवार सुबह से प्रतिनिधि पद के लिए सहकारी बैंक सदर, तिर्वा, छिबरामऊ और गुरसहायगंज में नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। शहर के ग्वाल मैदान स्थित बैंक में कुछ समर्थकों के साथ सपा प्रत्याशी अनिल यादव निवासी गढ़िया बलिदादपुर नामांकन करने पहुंचे।
बैंक के अंदर घुसते ही भाजपा समर्थकों से नोकझोंक होने लगी। सपा प्रत्याशी ने इसकी जानकारी पार्टी के पदाधिकारियों को दी। इस पर सदर विधायक अनिल दोहरे, पूर्व विधायक कलियान सिंह दोहरे, सपा नेता नवाब सिंह यादव, संजू कटियार, नीलू यादव और संजय दुबे कई समर्थकों के साथ पहुंच गए।
अनिल यादव ने बताया कि निर्वाचन अधिकारी सदर तहसीलदार अरविंद कुमार और बीईओ शिव सिंह के सामने भाजपा समर्थकों ने पर्चा छीनकर फाड़ दिया। इससे सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश पनपने लगा। इसी बीच भाजपा से पूर्व विधायक बनवारी लाल, नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री, चितवन पाठक, समीर पाठक और आशुतोष मिश्रा पहुंच गए।
दोनों दलों के बड़े नेताओं की मौजूदगी में पथराव हो गया। कुछ भाजपा समर्थकों ने सपा विधायक अनिल दोहरे समेत बड़े नेताओं से धक्का मुक्की शुरू कर दी। कुछ भाजपा समर्थकों ने छतों से पथराव शुरू कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। जानकारी पर एडीएम गजेंद्र सिंह, सदर एसडीएम अपूर्वा यादव, सदर कोतवाल विकास राय पुलिस बल के साथ पहुंच गए।
तब तक बड़ी संख्या में सपा के समर्थक इकट्ठा हो गए। दोनों पक्षों के बीच हंगामे के साथ पत्थरबाजी होने लगी। पुलिस ने लाठी चार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। दोनों पक्षों को शांत कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रुक रुक कर करीब चार घंटे तक नोकझोंक चलती रहती।
इसी बीच सपा प्रत्याशी अनिल यादव ने कड़ी सुरक्षा के बीच नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी सुमन त्रिवेदी पत्नी अधिवक्ता रावेंद्र कुमार त्रिवेदी निवासी मतौली हाल पता पाल चौराहा ने नामांकन पत्र दाखिल किया।
एडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि नामांकन के दौरान कुछ लोगों ने हंगामा कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। कड़ी सुरक्षा के बीच दो नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। सपा नेता नवाब सिंह यादव ने बताया कि प्रशासन की मिलीभगत से भाजपा के लोगों ने उनके प्रत्याशी से तीन बार नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिया।
सपा विधायक को एडीएम ने डंडे से धकेला
प्रत्याशी के साथ नामांकन कक्ष के अंदर जाते समय एडीएम गजेंद्र सिंह ने सपा से सदर विधायक अनिल दोहरे को डंडे से धकेल दिया। इससे सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं आक्रोश पनप गया। सदर विधायक और सपा नेताओं ने शासन स्तर से एडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बवाल के बीच सपा प्रत्याशी अनिल यादव सदर विधायक अनिल दोहरे के साथ पर्चा दाखिल करने नामांकन कक्ष के अंदर घुस रहे थे। इसी दौरान पुलिस बल के साथ मौजूद एडीएम गजेंद्र सिंह ने सदर विधायक को रोक लिया। इनमें बहस होने लगी। तभी एडीएम ने डंडे से विधायक को धकेल दिया। इससे सपा नेताओं से लेकर समर्थकों में आक्रोश पनप गया। सदर विधायक ने बताया कि सत्ता के इशारे पर अधिकारी सपा नेताओं से लेकर विधायक तक से अभद्रता कर रहे हैं। यह लोकतंत्र की हत्या है। वहीं सपा नेता संजू कटियार ने बताया कि विधायक के साथ अभद्रता भाजपा सरकार की निंदनीय सोच और कार्य प्रणाली का आइना बनकर समाज के सामने आई है।
कई थानों की पुलिस पहुंची, छावनी बना बैंक
नामांकन के दौरान हंगामा और पत्थरबाजी से मची भगदड़ के बाद एएसपी विनोद कुमार पहुंच गए। पथराव देखकर उन्होंने कई थानों से पुलिस बुला ली। थोड़ी ही देर में बैंक छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस ने बैंक के बाहर सुरक्षा बढ़ा कर गश्त शुरू कर दिया।
भाजपा समर्थकों में आपस में हुई नोकझोंक
मामला शांत होने के बाद भी कुछ भाजपा समर्थक डटे रहे। इस दौरान किसी बात को लेकर समर्थकों के दो गुटों में नोकझोंक शुरू हो गई। मौके पर मौजूद कुछ भाजपा नेताओं ने दोनों गुटों को शंात कराया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों से की अभद्रता
बवाल के दौरान कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने एडीएम गजेंद्र सिंह और एसडीएम अपूर्वा यादव से नोकझोंक कर अभद्रता की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं को अधिकारियों ने काफी समझाया। कुछ बड़े नेताओं के पहुंचने पर कार्यकर्ता इधर-उधर हो गए।