कानपुर। वर्ष 2022 में लागू रियल टाइम खतौनी व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। जिले की हजारों खतौनियों में त्रुटियां हैं। इससे उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान इन्हें सुधारने तहसील से जिलाधिकारी कार्यालय तक चक्कर काट रहे हैं।
खतौनी में गाटा संख्या, खसरा, क्षेत्रफल, नाम और हिस्सेदारी में गड़बड़ियां हैं। कहीं नामों की वर्तनी गलत है तो कहीं जमीन का क्षेत्रफल गलत दर्ज है। बिधनू गांव के राम सिंह ने बताया कि परिवार की हिस्सेदारी स्पष्ट न होने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नहीं मिल पा रही। सेन पश्चिम पारा के रामकुमार और हेमवीर सिंह ने बताया कि खतौनी में गाटा संख्या गलत दर्ज होने से जमीन से जुड़े कार्य अटके हैं। किसान अब ऑनलाइन रिकॉर्ड की गलतियों को ठीक कराने के लिए तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के जनता दर्शन में भी शिकायतें पहुंच रही हैं।
तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने बताया कि कंप्यूटर पर अपडेट करते समय कुछ गलतियां हुई हैं उन्हें सही किया जा रहा है। इसके साथ उनकी फार्मर रजिस्ट्री भी बनाकर दी जा रही है।