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कार्तिक पूर्णिमा 2018: त्रिपुष्कर योग में श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान, ये है आध्यात्मिक महत्व

Fri, 23 Nov 2018 09:14 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी
शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। गंगा में आस्था की डुबकी का मेला देखते ही बन रहा था। कानपुर के बिठूर में नगर पंचायत की ओर से करीब एक दर्जन कच्चे और पक्के घाटो पर बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा व्यवस्था की गयी है।
 
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई
श्रद्धालु ब्रह्मावर्त घाट, पत्थर घाट, भैरव घाट, सीता घाट, कौरव पांडव घाट के आलावा अन्य घाट पर स्नान कर रहे हैं। लक्ष्मण घाट पर स्नान प्रतिबन्धित है।
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई
बिठूर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं, जिनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए 4 क्षेत्राधिकारी, 4 निरीक्षक, 8 थाना प्रभारी, 108 कांस्टेबल, 14 महिला कांस्टेबल,10 ट्रैफिक सिपाही के साथ जल पुलिस, 2 दमकल की गाड़िया, 2 मोटरबोट, 8 गोताखोर के साथ 2 सेक्शन पीएसी तैनात की गई है। 

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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई
भगवान विष्णु को प्रिय कार्तिक मास की पूर्णिमा शुक्रवार को है। कार्तिक मास को पुण्य मास माना जाता है। इससे कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान व दान का खास महत्व है। आज गंगा व अन्य नदियों में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। 
 
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान का मुहूर्त
महापुण्य वेला प्रात: - 5.18 से 8.25बजे 
अमृत वेला - सुबह 7.10 से 9.35 बजे 
 
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई
दीप दान से महालक्ष्मी होंगी प्रसन्न: 
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में या तुलसी के समीप दीप जलाने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। देव दीपावली भी मनायी जाती है। इस तिथि को ही महादेव ने त्रिपुरासूर नामक राक्षस का संहार किया था। इससे प्रसन्न होकर देवताओं ने गंगा में दीप दान किया था। इसलिए इस तिथि पर गंगा में दीप जलाकर देव दीपावली मनायी जाती है। 
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई
मान्यता: 
त्रिपुष्कर योग में कार्तिक पूर्णिमा का स्नान : पंचांगों के हवाले से कृतिका नक्षत्र, शुक्रवार व लुंबक योग बनने से कार्तिक पूर्णिमा पर त्रिपुष्कर योग का संयोग बना है। मान्यता है कि कुश लेकर इस तिथि पर गंगास्नान या स्नान करने से सात जन्म के पापों का नाश हो जाता है। चर्मरोग व कर्ज से मुक्ति मिलने के साथ वैवाहिक संबंधों में आनेवाली परेशानियां भी दूर होती हैं। 
 
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