कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के छात्र सहायता प्रकोष्ठ (एसएससी) के गठन के चार साल पूरे हो गए हैं। चार वर्षों में प्रकोष्ठ की ओर से 3.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की समस्याओं का डिजिटल तरीके से निस्तारण किया गया। वहीं, 1.85 लाख अभ्यर्थियों को उपाधि दी गईं। सोमवार को विवि के रजिस्ट्रार राकेश कुमार, एसएससी प्रभारी डिप्टी रजिस्ट्रार अंजलि मौर्य ने कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक को इसकी रिपोर्ट सौंपी।
प्रदेश में सीएसजेएमयू का सबसे पहले डिजिटलीकरण हुआ। इसके तहत उपाधि, अंकपत्र, संशोधित या डुप्लीकेट अंकपत्र, बैक पेपर, स्क्रूटनी के अंक चढ़ाना आदि की प्रक्रिया डिजिटल तरीके से की गई। स्टूडेंट फेसलेस सर्विस पोर्टल के कारण विद्यार्थियों को घर बैठे आवेदन की स्थिति की जानकारी मिलती रही। एसएससी ने चार साल की अवधि में 9700 अंकतालिकाओं की डुप्लीकेट कॉपी, 17200 अस्थायी प्रमाणपत्र, 4100 नामांकन, 89,500 माइग्रेशन सर्टिफिकेट, 2000 ट्रांसक्रिप्ट जारी किए गए। इसके साथ ही 51000 प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया गया।