भारतीय प्रतिभूति व नियामक बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजार में और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों में संशोधन किया गया है। अब यदि कंपनी के डायरेक्टर कोई संवेदनशील सूचना जिस पर शेयर का मूल्य प्रभावित हो सकता है, किसी अन्य से साझा करते हैं तो उसका पूरा डिजिटल डेटाबेस बनाकर रखना होगा।
इसमें उन सभी का नाम लिखना होगा जिनके साथ गोपनीय सूचना साझा की गई है। संबंधित लोगों का पैन नंबर रिकार्ड भी रखना होगा। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान, कानपुर चैप्टर के पूर्व चेयरमैन सीएस अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों को अपनी सूचनाओं को गोपनीय रखना होता है।
जिससे किसी एक वर्ग के शेयर धारकों को फायदा और दूसरों को नुकसान न हो। सेबी की इनसाइडर ट्रेडिंग नियमावली इन नियमों का कड़ाई से पालन करती है जिसे अब और सख्त कर दिया गया है। नियमों का पालन न करने पर भारी पेनाल्टी व सजा का भी प्रावधान किया गया है।
सीएस श्रुति श्रीवास्तव ने बताया प्रमोटर्स, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स व कंपनी के अंदरूनी लोगों को जिनके पास शेयर के मूल्य को प्रभावित करनी वाली गोपनीय सूचना रहती हैं या जिनको कंपनी ने सक्षम व्यक्ति माना है, एक तिमाही में अपनी कंपनी के शेयर्स में 10 लाख से ज्यादा की खरीद, बिक्री की है तो उन्हें स्टॉक एक्सचेंज को दो दिन के भीतर जानकारी देनी होगी। इन नियमों का उल्लंघन करने पर कम से कम 10 लाख रुपये की पेनाल्टी लगेगी।