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चोटी कटने की बात सिरे से खोटी, अफवाह फैलाने वाले शरारतकर्ता बख्शे नहीं जाएंगेःDGP

Sat, 05 Aug 2017 07:59 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डीजीपी सुलखान सिंह ने कहा नहीं बख्शे जाएंगे चोटी काटने के नाम पर दहशत फैलाने वाले
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चोटी कटने की घटना को लेकर सेंट्रल यूपी एवं बुंदेलखंड में दहशत का माहौल है। गुरुवार रात इटावा,औरैया. फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज और हमीरपुर भी बाल कटने की घटनाएं सामने आईं। इससे लोग रतजगा कर रहे हैं। बुंदेलखंड पहुंचे डीजीपी सुलखान सिंह ने ऐसी किसी भी घटना के होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निबटा जाएगा। 
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बुंदेलखंड में हमीरपुर के सुमेरपुर थानाक्षेत्र के बांक गांव में अफवाह के चलते रात करीब 12 बजे घर के अंदर बेटी के साथ सो रही महिला की काट ली गई चोटी। अफवाह के बाद लोगों की लगी रही भीड़। औरैया की कांशीराम कालोनी में महिला के बाल कटने से मचा हड़कंप। मौके पर पहुंची यूपी 100 पुलिस। वहीं अजीतमल कस्बे में भी एक महिला के बाल कटे मिले। परिजनों के मुताबिक रात में घर में सोई थीं महिलाएं। सुबह घर का दरवाजा खोलने पर बेहोश हो गईं। होश में आने पर दोनों को बाल कटे मिले। इटावा के उसराहार और चौबिया के कुम्हारर गांव में अफवाह के बीच दो किशोरियों की चोटी काटने के मामले सामने आने से मचा हड़कंप, पुलिस जांच शुरू। फर्रुखाबाद में राजेपुर के गांव महमदपुर गढ़िया निवासी युवती दोपहर को चारपाई पर लेटी थी। कुछ समय बाद उसे लगा कि उसकी चोटी को कोई खींच रहा है। जैसे ही उसने अपनी चोटी पर हाथ लगाया तो उसके हाथों में बाल आ गए। भयभीत किशोरी की तबीयत खराब हो गई। लोहिया अस्पताल उसको भर्ती कर इलाज किया। 
 
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डीजीपी ने कहा ये घटना भूत-प्रेत से जुड़ी नहीं

डीजीपी सुलखान सिंह
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने चोटी कटने की घटना को अफवाह और शरारती तत्व की करतूत बताया। कहा कि आगरा में इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। यह घटना भूत-प्रेत से जुड़ी नहीं है। उन्होंने बताया कि दहेज हत्या, दलित महिलाआें के  उत्पीड़न में 25 फीसदी कमी आई है। अब महिलाओं ने खुद को सुरक्षित महसूस करना शुरू किया है। एंटी रोमियो दल की भूमिका बेहतर है। महिलाओं के समाजसेवी संगठनों व महिलाओं को पुलिस ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास आधुनिक हथियारों की कमी नहीं है। थ्री नॉट थ्री रायफल से ही आतंकियों से लोहा ले सकते हैं। पुलिस के पास एमपी फाइव, एके  47, एमएमजी, मोटार्र, ग्रेनेड भी हैं। 
 
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