गंगा में कानपुर शहर की गंदगी नहीं गिर रही
कुंभ के पहले स्नान मकर संक्रांति (14 जनवरी) पर प्रयागराज में भक्तों को इस बार शुद्ध गंगाजल मिलेगा। गंगा में रोज हरिद्वार से औसत सात हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। टेनरियां बंद कर दी गई हैं और गंगा में गिरने वाले गंदे नालों का पानी मोड़ दिया गया है। इससे गंगा में कानपुर शहर की गंदगी नहीं गिर रही है।
नदी में पानी आने से जो गंदगी पहले से जमा थी वह पानी के बहाव से साफ हो रही है। इसके साथ ही जाड़े के ‘लीन सीजन’ में पानी कम हो जाने से जलीय जीवों के वासस्थल भी सुरक्षित हो रहे हैं।
गंगा में पानी छोड़े जाने का सिलसिला 15 दिसंबर से शुरू हो गया था। इससे नदी के किनारों और बीच में खाली जगह में जमी गंदगी बह गई है। उसके बाद से लगातार गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। पहली जनवरी को हरिद्वार से 7006 क्यूसिक पानी गंगा में छोड़ा गया। नदी में बराबर पानी छोड़े जाने से घाटों तक पानी आने के साथ ही यहां रुका कचरा बह जा रहा है।
रामगंगा कमांड के अधिशासी अभियंता जेपी सिंह ने बताया कि नदी में बराबर पानी छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही जलीय जीवों के वासस्थल आबाद हो रहे हैं। इससे कुंभ के दिनों में गंगा की जैव विविधता भी सुरक्षित रहेगी।