कानपुर। नवरात्र के चौथे दिन बुधवार को मंदिरों और घरों में मां कूष्मांडा की आराधना की गई। कहीं श्रद्धालु नंगे पांव पहुंचे तो कहीं हाथों में चुनरी, नारियल और फूलों की डलिया लिए भक्त मंदिर के बाहर कतारों में खड़े नजर आए। मंदिरों में भोर से रात तक माता के जयकारे गूंजते रहे।
तपेश्वरी, बारादेवी, जंगली देवी, गोविंदनगर दुर्गा मंदिर, काली मठिया, चकेरी के काली बाड़ी मंदिर, किदवईनगर स्थित जगत जननी दुर्गा मंदिर और बुद्धादेवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मंदिर परिसर में मां के जयकारों के साथ घंटों की गूंज सुनाई देती रही। भक्तों ने फूल, प्रसाद और नारियल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
चकेरी के काली बाड़ी मंदिर में नवरात्र के चौथे दिन ढाक की धुन के साथ मां काली की आरती की गई। वहीं, गोविंदनगर दुर्गा मंदिर में शाम को माता की चौकी का आयोजन हुआ। इसमें भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु झूमते रहे और मां के जयकारे लगाते रहे। घरों में भी भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां कूष्मांडा से परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।