बीआईसी की करोड़ों रुपये कीमत वाले बंगलों पर सरकारी विभाग का कब्जा जिला प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है। अफसरों ने अब इनके कब्जेदारों पर लगाम कसनी शुरू कर दी है। उधर गंगा सफाई में जुटे अफसर शवों के बहाए जाने पर चिंतित हैं।
एडीएम सिटी ने नगर आयुक्त और सभी एसडीएम को पत्र लिखा है कि वे अपने स्तर से इस पर निगरानी कराएं। वहीं एचबीटीआई के निदेशक की नियुक्ति मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
दो सप्ताह में खाली कर दें बीआईसी के बंगले
वीआईपी रोड पर बीआईसी के बंगलों पर काबिज हैंडलूम दफ्तर, पोस्ट ऑफिस, पीएनबी समेत 51 भवन खाली कराने के लिए बुधवार को नोटिस तामील कराया गया। इन सभी से दो सप्ताह में भवन खाली करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई है कि दो सप्ताह में भवन खाली न करने पर बलपूर्वक हटा दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने एक आदेश में जिलाधिकारी से बीआईसी के बंगलों पर काबिज लोगों को हटाकर लिक्विडेटर को कब्जा दिलाने को कहा है। कब्जा दिलाने के बाद हाईकोर्ट को अवगत भी कराया जाना है। जिला प्रशासन बीआईसी के बंगलों पर काबिज लोगों से पहले ही मौखिक रूप से हटने को कह चुका था।
अब बुधवार को एसीएम 1 योगेंद्र कुमार, एसीएम 5 सुखवीर सिंह, एसओ ग्वालटोली, नजूल और एल्गिन मिल के कर्मचारी दोपहर में खलासी लाइन स्थित बंगलों में काबिज लोगों को नोटिस तामील कराने पहुंचे। एसीएम योगेंद्र कुमार ने बताया कि कुल 51 लोगों को नोटिस तामील कराते हुए दो सप्ताह में भवन खाली करने को कहा गया है।
गंगा में शव प्रवाहित करने पर सख्ती से लगे रोक
गंगा में शव प्रवाहित करने पर सख्ती से रोक लगाई जाए। मंगलवार को सफाई के दौरान शव मिलने पर एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने अफसरों को पत्र लिखकर कहा है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने गंगा में शव प्रवाहित करने पर रोक लगाई है। इसलिए इसका सख्ती से पालन किया जाए।
एडीएम सिटी ने नगर आयुक्त, सदर, बिल्हौर, नर्वल के एसडीएम, मुख्य अधिशासी अधिकारी छावनी परिषद और बिठूर, शिवराजपुर के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि एससी मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य के संबंध में सावित्री पांडेय स्टैंडिंग काउंसिल राष्ट्रीय हरित अधिकरण के पत्र में कहा गया था कि गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे बड़ी संख्या में शव पाए गए हैं। इससे गंगा का जल प्रदूषित होता है। इसलिए शव प्रवाहित करने पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही एडीएम सिटी को भी अवगत कराया जाए।