सीएम के सपनों के प्रोजेक्ट्स ने तेजी पकड़ ली है। कानपुर मेट्रो को रफ्तार देने के लिए उसके मुख्य भवन को भी ओके कर दिया गया है। मुर्गा मार्केट में केडीए की जीत के साथ मल्टीस्टोरी का ले-आउट भी तैयार है। उधर, न्यू टीपी नगर भी विकास की ओर चल पड़ा है।
मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण अगले हफ्ते से
केडीए अस्थायी मुर्गा मार्केट परेड में 79 दुकानें 18 फरवरी को लाटरी से आवंटित करेगा। 19 तारीख को दुकानों का चिह्नीकरण कर कब्जे देने का काम शुरू हो जाएगा। केडीए उपाध्यक्ष जयश्री भोज और जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा के अनुसार परेड मुर्गा मार्केट स्थल पर अब कोई विवाद नहीं है।
अगले हफ्ते मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण शुरू हो जाएगा। दोनों अफसरों ने कलक्ट्रेट में पत्रकारों को बताया कि परेड मुर्गा मार्केट की जमीन नजूल की है, शासन के निर्देश पर इसे केडीए को नि:शुल्क दिया गया है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से नजूल की यह भूमि केडीए में दर्ज हो चुकी है।
मुर्गा मार्केट स्थल पर मल्टीस्टोरी पार्किंग एवं कामर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण अगले सप्ताह शुरू हो जाएगा। छह मंजिला मल्टीस्टोरी पार्किंग में 430 कारें खड़ी हो सकेंगी। वहीं मुर्गा मार्केट को पास की ही मछली मार्केट के बगल में प्लाट नंबर-44 की एकता मार्केट में शिफ्ट किया जा रहा है। प्लाट नंबर-43 में भी बाउंड्री कराई जाएगी, ताकि उसे अवैध कब्जे से बचाया जा सके। 18 तारीख को लाटरी के बाद 19, 20, 21 फरवरी को दुकानें शिफ्ट होंगी।
इसके लिए दुकानदारों की मांग पर ट्र्ैक्टर-ट्राली, मजदूर उपलब्ध कराए जाएंगे। नई मुर्गा मार्केट में लाइट सहित अन्य दिक्कतें दूर की जाएंगी। मुख्य मार्ग का अतिक्रमण हटवाया जाएगा। बताया कि अस्थायी मुर्गा मार्केट के पीछे खाली पड़ी इतनी ही जमीन पर ग्राउंड के बाद तीन मंजिली एकता मार्केट में 240 दुकानें बनेंगी।
इनका निर्माण 18 महीनों में होगा। इनमें उन 79 दुकानदारों को लागत मूल्य पर दुकानें दी जाएंगी, जिन्होंने लाटरी में हिस्सा लिया है। यह धनराशि 20 लाख से ज्यादा नहीं होगी। अन्य दुकानें 50 लाख या उससे ज्यादा में नीलामी के जरिए बेची जाएंगी, जिन्हें कोई भी खरीद सकेगा। उसके बाद अस्थायी मार्केट स्थल पर भी पक्की मार्केट बनने लगेगी।
मार्च में बन जाएगा न्यू ट्रांसपोर्ट नगर
न्यू ट्रांसपोर्ट नगर के फेस-1,3 के विकास कार्य मार्च के अंत तक पूरे हो जाएंगे। ट्रांसपोर्टरों को आवंटन भी शुरू हो जाएगा। ट्रांसपोर्ट नगर के आसपास के मोहल्लों में ट्रांसपोर्ट कंपनियां चलाने वालों ने न्यू ट्रांसपोर्ट नगर में प्लाटों की डिमांड की है।
पहले चरण की लाटरी दो - तीन महीने में पड़ जाएगी। उन्हें वहां शिफ्ट करना शुरू कर दिया जाएगा, तब तक पैसा जमा कर चुके पुराने ट्रांसपोर्टरों से रेट, कूड़ा निस्तारण प्लांट के संबंध में भी निर्णय हो जाएगा। जुलाई तक फेस-2 भी कंपलीट हो जाएगा। एलाटमेंट के बाद शिफ्टिंग का समय तय करेंगे। तीनों फेस में 1028 प्लाट हैं। ये जानकारी केडीए वीसी और डीएम ने प्रेसवार्ता में दी।
नई मौरंग मंडी में कब्जे देने शुरू
केडीए वीसी ने बताया कि हमीरपुर रोड पर पाण्डु नदी के पास मौरंग मंडी के 180 प्लाटों में से 94 आवंटित हो गए हैं। आवंटियों को कब्जा दिया जा रहा है। मुख्य मार्ग से संपर्क के लिए साढ़े पांच करोड़ से वहां सड़क बन रही है। जिला प्रशासन की सूची मिलने पर अन्य प्लाट आवंटित किए जाएंगे।
डीएम के अनुसार मौरंग डंप करने के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है। मौरंग मंडी जाने वाले दुकानदारों को मार्च में अस्थायी लाइसेंस दिए जाएंगे। बिना लाइसेंस के मौरंग बेचने वालों पर एफआईआर और जुर्माना करने का प्रावधान है। थानों से ऐसे व्यापारियों की सूची बनवाई जा रही है। मार्च में कार्रवाई की जाएगी।
इसी सप्ताह शुरू होगा मेट्रो कार्यालय
शारदा नगर स्थित वस्त्र भवन में मेट्रो कार्यालय इसी सप्ताह शुरू हो जाएगा। मेट्रो सेल के अफसर भी यहां बैठेंगे। यह फैसला बुधवार को कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने वस्त्र भवन में मेट्रो कार्यालय के लिए स्थल चयन के बाद लिया।
निरीक्षण में शामिल केडीए उपाध्यक्ष जयश्री भोज ने बताया कि वस्त्र भवन के भूतल और फर्स्ट फ्लोर में मेट्रो कार्यालय के लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। वहां सफाई, फर्नीचर आदि की व्यवस्था की जा रही है। मेट्रो कार्यालय यहीं से संचालित होगा। केडीए के मुख्य नगर नियोजक आशीष शिवपुरी मेट्रो सेल के प्रभारी हैं।
कमिश्नर ने एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव को भी यह भवन दिखाने के निर्देश दिए, ताकि उनकी आवश्यकताएं पता चल सकें। एसपीवी (स्पेशल परपज व्ह्किल) गठित होगा। शासन के निर्देश पर मेट्रो के निर्माण कार्यों के लिए विभिन्न विभागों से उनका शेयर भी लिया जाएगा।
निरीक्षण में शामिल उच्च स्तरीय विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि मेट्रो रेल के दफ्तर के किराए का आकलन पीडब्लूडी से कराया जाएगा। केपीएमआरसी (कानपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन) का निर्माण एलएमआरसी की देखरेख में होगा।
जब इस कार्यालय का संचालन केपीएमआरसी करेगा, तब किराया लिया जाएगा। वस्त्र भवन उत्तर प्रदेश स्टेट टेक्सटाइल कारपोरेशन के अधीन है। इस कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक का चार्ज मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के पास है।