कानपुर। नवाबगंज स्थित जागेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के एक दिन पूर्व मंगलवार को हल्दी, मेहंदी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भोलेबाबा का शृंगार करने के साथ ही पूरे मंदिर को फूलों से सजाया गया। महिलाओं ने भजन गाकर भोले बाबा का गुणगान किया। सोलह-शृंगार देवी गाैरा करेंगी, लगन चढ़ेगा और मेहंदी लगेगी... भजन पर महिलाएं जमकर झूमीं।
सुबह बाबा की आरती कर भोग लगाया गया। दो बजे से महिलाओं ने तीन लोक में सबसे अलग है भोला तेरी कहानी-भोले दानी, बाबा औघड़दानी..., ऐसा भोला है भंडारी-ओ भोलेनाथ रे जैसे भजन गाए। इसके बाद महिलाओं ने मां पार्वती को मेहंदी और हल्दी लगाई। शाम को भंडारा वितरित किया गया। इस दौरान 12 महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
जागेश्वर प्रबंधन सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि बुधवार को भोले बाबा की पगड़ी रस्म व घुड़सवारी कार्यक्रम होगा। इसके बाद धूमधाम से शिव बरात निकाली जाएगी। साथ ही ठंडाई का वितरण भी होगा। शहनाई वादक और ठंडाई बनाने वाले वाराणसी से बुलाए गए हैं। कार्यक्रम में अध्यक्ष जीएस मिश्रा, महामंत्री प्राण श्रीवास्तव, उपमंत्री शिवम पांडे, दंगल संयोजक जितेंद्र पांडे, कार्यक्रम संयोजक श्वेता श्रीवास्तव, सोनी गुप्ता, सीमा गुप्ता, शिखा पांडे, अनुप्रिया पांडे आदि मौजूद रहीं।
विवाह में अड़चन, यहां की हल्दी-मेहंदी लगाने से जल्दी होती शादी
महिलाएं अपने घरों से हल्दी, मेहंदी व शृंगार का सामान साथ लेकर आई थीं। इन्हें एक जगह एकत्र कर देवी गौरा को अर्पण किया। महिलाओं को मां पार्वती को चढ़ाई गई हल्दी, मेहंदी व शृंगार का सामान प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। कहा जाता है कि जिस घर में किसी के विवाह में अड़चन है तो उसे प्रसाद रूपी हल्दी, मेहंदी लगाने से जल्द उसकी शादी हो जाती है।