प्रदूषण से गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास प्रभावित हो रहा है। प्रदूषित हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से मां को दमा और उससे नवजात को भी यह मर्ज होने का खतरा है। कानपुर के स्वरूप नगर के एक नर्सिंगहोम में मां से एक महीने के नवजात को डेंगू होने का पता चला है, उसका प्लेटलेट्स लेवल 70 हजार रह गया है।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील तनेजा नवजात का इलाज कर रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. किरन पांडेय ने बताया कि वायु प्रदूषण की वजह से सांस लेते समय गर्भवती के शरीर में प्रदूषित ऑक्सीजन पहुंचती है।
शुद्ध ऑक्सीजन न मिलने से नवजात के विकास पर असर पड़ता है। यदि गर्भवती हृदय की मरीज है तो नवजात के शरीर में ब्लड कम पहुंचने की आशंका रहती है। इससे भी उसका विकास प्रभावित होता है। उसमें रोगों से लड़ने की क्षमता कम होगी। एनीमिया भी हो सकता है। मां को दमा है तो नवजात को भी दमा होने का खतरा रहता है।