गोविंदनगर स्थित बंधन बैंक के उप प्रबंधक अनुराग बाजपेई के सुसाइड नोट लिख फंदा लगा जान देने के मामले में बैंक की रीजनल मैनेजर, कर्मी समेत 6 के खिलाफ बाबूपुरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अनुराग के साले राम कृष्ण भट्टाचार्य की तहरीर पर दर्ज हुई प्राथमिकी के मुताबिक, आरोपियों ने मिलकर अनुराग को पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर कई सैलरी चेक अपने पास रख लीं। यहीं नहीं फर्जी तरीके से गोल्ड लोन करवा लिया। निर्दोष होते हुए भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया। सभी लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने, अमानत में खयानत, अपमानित करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
मूलरूप से उन्नाव के बांगरमऊ के अनुराग बाजपेई(34) गोविंदनगर स्थित बंधन बैंक के गोल्ड लोन विभाग शाखा के उप प्रबंधक थे। बीते दो वर्षों से किदवईनगर के एम ब्लॉक स्थित शैलजा के मकान में किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। कन्नौज निवासी साले राम कृष्ण भट्टाचार्य के मुताबिक, अनुराग ने अपने सुसाइड नोट में बैंक की रीजनल मैनेजर सुभांगी त्रिपाठी, कर्मी मूलरूप से शुक्लागंज कटहा निवासी शिवम सिंह, उसका साथी प्रबल माहेश्वरी, नितिन अवस्थी, नितिन गौड में प्रताड़ित करने का जिक्र किया है। आरोप है कि शिवम और प्रबल जुआ-सट्टा का संचालन करते हैं। अनुराग को जबरन इसमें फंसाया, इसके बाद बैंक से पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर सैलरी के कई चेक अपने पास रख लिए। बाद में इन चेकों का अनाधिकृत दुरुपयोग किया। इसके बाद बंधन बैंक के खाते में करीब 2 लाख रुपये के लेनदेन को आधार बना कर शिवम, प्रबल और उसके साथी नितेश अवस्थी ने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। यही नहीं अनुराग पर 15 लाख रुपये पर प्रतिदिन के हिसाब से चक्रवृद्धि ब्याज लगा दिया।
किसी तरह 3.90 लाख रुपये दिए तो बाकी रुपये देने के लिए दबाव बनाने लगे। यही नहीं नितिन गौड़ ने एक गोल्ड फाइनेंस कंपनी में बंधन बैंक के गोल्ड लोन के खाते को टेेक ओवर के दौरान 3.96 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर गबन कर लिया। आरोप है कि इन सभी विषयों की जानकारी बैंक की रीजनल मैनेजर सुभांगी को थी। बाबूपुरवा इंस्पेक्टर नीरज ओझा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।