कानपुर देहात। जिले में मच्छरों की बढ़ती तादाद से डेंगू व मलेरिया पैर पसार चुका है। वहीं वायरल व टायफाइड भी लोगों को परेशान कर रहा है। अस्पतालों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। एलाइजा जांच रिपोर्ट में डेंगू रोगियों की संख्या 13 हो गई है। इधर प्लेटलेट्स न मिल पाने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक 221 मलेरिया रोगी मिल चुके हैं। इधर डेंगू की भी रफ्तार बढ़ी है। रविवार को हुई जांच में कैलई मलासा निवासी एक युवक, बारा अकबरपुर व रामपुर संदलपुर में एक-एक महिला डेंगू पॉजिटिव मिली हैं। इससे डेंगू रोगियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। वहीं, अस्पतालों में डेंगू के लक्षण वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सक कई लोगों को प्लेटलेट्स की कमी होना बता रहे हैं। ऐसे में लोगों को प्लेटलेट्स के लिए परेशान होना पड़ रहा है। चितांजनक स्थिति बनने पर मरीज को कानपुर ले जाकर भर्ती करवाना पड़ रहा है।
इधर मेडिकल कॉलेज को करीब 10 दिन पहले ब्लड कंपोनेंट यूनिट का लाइसेंस मिल चुका है। मगर यूनिट का संचालन न होने से ब्लड को कंपोनेंट में नहीं बांटा जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी मारुति दीक्षित ने बताया कि जिले में अब तक मलेरिया के करीब 221 केस मिले हैं। इनमें से से 197 मरीजों का सत्यापन कर दवा दी जा चुकी है। जबकि 27 मरीजों का सत्यापन नहीं हो सका है। चार मरीज बाहर रह रहे हैं।
डेंगू व मलेरिया के प्रभावित गांवों में छिड़काव कराने के साथ ही लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जिले में पांच अक्तूबर से जागरुकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। 11 अक्तूबर से दस्तक अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों के रोकथाम के लिए जागरूक करेंगी।