विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण को लेकर कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं क
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उन्नाव। दुष्कर्म पीड़िता के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने का आरोप और विधायक कुलदीप सेंगर व अन्य आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रीय छात्र संगठन आफ इंडिया(एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए। इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद सभी को खींचकर जीप में डालकर कोतवाली ले गई। एक घंटे बाद सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
रविवार को रायबरेली में हुए रहस्यमय हादसे में दुष्कर्म पीड़िता की चाची और मौसी की मौत और खुद पीड़िता व उसके वकील के घायल होने के बाद मामला दोबारा सुर्खियों में आ गया। सरकार को घेरते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से प्रदर्शन शुरू हुए। कई स्थानों धरना प्रदर्शन भी किए गए। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष मयंक तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन देने पहुंचे। डीएम के न मिलने पर कार्यकर्ता हाथ में बैनर लेकर कलक्ट्रेट गेट पर बैठ गए और केंद्र व प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी शुरू कर आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर पर कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। कार्यकर्ताओं ने विधायक को फांसी तक देने की मांग की।
सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस को देख कई कार्यकर्ता इधर उधर हो गए। पुलिस ने सात को हिरासत में लेने की कोशिश की। विरोध करने पर सभी को खींचकर वाहन में डाला और कोतवाली ले गए। यहां एक घंटे बाद हिरासत में लिए गए सुधीर, अजय, रिषभ समेत सात कार्यकर्ताओं को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।