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फर्रुखाबाद: अवैध भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश से भूमाफिया में हड़कंप

Wed, 23 Sep 2020 11:05 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने करा लिया है लॉ कालेज का निर्माण - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद जिले में वक्फ की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा कर बेचने और इन पर इमारतें खड़ी करने वालों को भूमाफिया घोषित कर मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। उप्र शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इन जमीनों पर बनी इमारतों को ढहाने के निर्देश दिए हैं।
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इससे भूमाफिया में हड़कंप मच गया है। पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने नूरपुर गांव में तीन एकड़ से अधिक वक्फ की जमीन पर कब्जा कर लिया है। इसमें कुछ संपत्ति बेची भी गई। इस जमीन पर लॉ कालेज का निर्माण कराया गया है।

शमसाबाद के मोहल्ला गोदाम निवासी मुतवल्ली मोहम्मद रिजवान ने उप्र शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सीईओ से इसकी शिकायत की थी। इस पर सीईओ डॉ. मोहम्मद नसीर हसन ने 22 सितंबर को जिलाधिकारी/अपर वक्फ आयुक्त को पत्र लिखा।
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इसमें कहा गया कि वक्फ मेंहदी अली खां पंजीयन संख्या टी-184 के दो प्लाटों पर गल्लामंडी निवासी उर्मिला राजपूत ने कब्जा कर लिया है। मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। अब इस संपत्ति पर बनाए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाए।
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इसके बाद यह संपत्ति रिजवान को सौंप दी जाए। अभिलेखों में जो गलत नाम दर्ज किए गए हैं, उन्हें भी हटाकर वक्फ दर्ज कराया जाए। ताकि वक्फ संपत्ति की सुरक्षा हो सके। इसके अलावा वक्फ आबिद अस्करी नंबर आई-185 की ठंडी सड़क स्थित संपत्ति पर सेठगली निवासी व्यापारी गौरहरि अग्रवाल एवं लोहाई रोड स्थित भूमि पर नानकचंद्र, विनोद चंद्र और विनय कुमार पुत्रगण हरिचंद्र ने भी कब्जा करके इमारतें बनवा ली हैं।

यह भी भूमाफिया घोषित हो चुके हैं। इन सभी पर मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। वक्फ बोर्ड के सीईओ की तरफ से जारी भवनों को गिराने के आदेश के बाद से सभी भूमाफिया बचाव में कानूनी सहायता लेने में जुट गए हैं।

घेरशामू खां में करोड़ों की वक्फ संपत्ति को बेचने, खरीदने वाले छह से अधिक भूमाफिया पर मुकदमे दर्ज हैैं। इन लोगों ने मुकदमे की जांच में खुद को बचाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से सेटिंग शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता भी इस पर नजर जमाए हैं।

‘वक्फ जमीन पर बने भवनों को गिराने संबंधी आदेश अभी नहीं मिला है। यदि ऐसा कोई आदेश वक्फ बोर्ड से आता है, तो उसका अवलोकन कर कार्रवाई की जाएगी।’ - मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी, फर्रुखाबाद

‘मुझे लिखित में अभी कोई ऐसा आदेश नहीं मिला। पता चला है कि वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने भवन गिराने का आदेश दिया है। मेरा ट्रिब्यूनल में मुकदमा चल रहा है। उसमें उप्र शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड पार्टी है। अपना पक्ष वहां रखेंगे। प्रापर्टी वक्फ की है या नहीं अभी यह तय नहीं हुआ है।’ - उर्मिला राजपूत, पूर्व विधायक, फर्रुखाबाद
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