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Kanpur News: लेदर जैकेट की मांग पांच गुना बढ़ी, गजक, मेवा की भी बंपर बिक्री

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कानपुर। गलन बढ़ने के साथ ही ऊनी कपड़ों का बाजार गुलजार हो गया है। लेदर जैकेट की मांग पांच गुना तक बढ़ गई है। गजक की भी मांग तेज हो गई है। इसके अलावा ज्वार, बाजारा, मक्का और रागी के आटा की भी बहुत अच्छी मांग है। अलसी का बीज भी खूब बिक रहा है। इसी तरह बादाम, चिलगोजा, खुमानी और अंजीर की भी मांग कई गुना बढ़ गई है।
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शहर में ठंड बढ़ने के साथ ही ऊनी कपड़ों के बाजार में भी रौनक आ गई है। जैकेट, कोट-पैंट, कंबल, लोई, रजाई की ज्यादा मांग है। शहर में अमृतसर से वुलन सूट और लुधियाना से कंबल और लोई आ रही है। नवीन मार्केट में गर्म कपड़ों के व्यापारी फरीद अंसारी ने बताया कि लेदर जैकेट 3000 से 3500 रुपये के बीच है। काले, भूरे और चेरी रंग की लेदर जैकेट को युवा सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पैराशूट बनाने में लगने वाले कपड़ों की बनी जैकेट की भी मांग है। इसकी कीमत 1000 से 2000 रुपये के बीच है।
नमकीन, बेकरी एंड गजक पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि गुड़ और तिल वाली गजक की ज्यादा मांग है। शहर के हूलागंज में गजक का थोक कारोबार होता है। इसके अलावा परेड, गोविंदनगर, साकेतनगर, किदवईनगर, पीरोड, गुमटी नंबर पांच समेत शहर के सभी प्रमुख मिठाई और कंफेक्शनरी व्यापारी इनकी बिक्री करते हैं। बाजार में गुड़ खस्ता, गुड़ रोल, गुड़ चिक्की, गुड़ रेवड़ी, काजू-पिस्ता रोल, शक्कर रोल गजक तैयार की जा रही है। मेवा गजक का भाव 600 रुपये किलो है। इसमें पिस्ता, काजू और गुड़ का इस्तेमाल होता है। सफेद तिल की गजक 400 और काले तिल की गजक 440 रुपये किलो है। इसकी खपत अब तेज हो गई है। गुड़ की बनी गजक की सबसे ज्यादा मांग बाजार में दिख रही है।
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दि किराना मर्चेंट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अलंकार ओमर ने ने बताया कि ठंड के साथ मेवा की मांग 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। सर्दी में चिलगोजा, बादाम, खुमानी, अखरोट गिरी की ज्यादा मांग रहती है।
काजू 750 से 1050 रुपये किलो थोक में है। बादाम 750-800 और किशमिश गुणवत्ता के अनुसार 425-475 रुपये किलो में है। चिलगोजा का भाव सात हजार रुपये प्रति किलो है। किराना व्यापारी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि ज्वार, बाजारा, मक्का और रागी के आटा की भी बहुत अच्छी मांग है। अलसी का बीज भी खूब बिक रहा है। ठंड में लोग अलसी और मेवा को मिलाकर इसका लड्डू बनाते हैं।
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