ट्रिपिंग और फॉल्ट के रूप में सामने आया है नतीजा
इस दौरान बिजली सब स्टेशन, फीडर, ट्रांसफार्मर, एचटी व एलटी लाइन की सर्विसिंग कराई गई। अप्रैल में एकदम से उमस और तापमान बढ़ गया। घरों में एसी, कूलर, पंखे, फर्राटा चलने शुरू हो गए। इसकी वजह से कई फीडर, सब स्टेशन फिर से ओवरलोड हो गए। नतीजा ट्रिपिंग और फॉल्ट के रूप में सामने आया।
मरम्मत करता केस्को कर्मी
- फोटो : amar ujala
सब स्टेशनों से बिजली की खपत की रिपोर्ट मांगी
बारिश न होने की वजह से दिन और रात के तापमान में गिरावट नहीं आई। घरों में उपकरण का उपयोग कम होने की बजाय और बढ़ गया। 19 मई को बिजली की मांग बढ़कर 763 मेगावॉट पहुंच गई। इस मांग के चलते अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। सभी सब स्टेशनों से बिजली की खपत की रिपोर्ट मांगी जा रही है।
इस वजह से बढ़ रहा है लोड
केस्को के अधिकारियों के मुताबिक लोड बढ़ने की मुख्य वजह उपभोक्ताओं का अपने घरों में लोड न बढ़वाना है, जबकि एसी और कूलर की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। घर का लोड ट्रांसफार्मर और ट्रांसफार्मर का भार फीडर और सब स्टेशन पर आ रहा है।
बिजली के तारों की मरम्मत करते बिजली कर्मी
- फोटो : amar ujala
रात 11 बजे के बाद बढ़ रही खपत
शहर में दोपहर के ज्यादा रात के समय में बिजली की मांग रहती है। शाम छह से रात दस बजे तक बिजली की मांग 630 मेगावॉट के करीब पहुंच है, जबकि रात 11 बजे के बाद 740 मेगावॉट से अधिक तक पहुंच जाती है।
इन क्षेत्रों की बढ़ाई जा रही क्षमता
जरीब चौकी, कल्याणपुर, बर्रा विश्व बैंक, नौबस्ता, विकासनगर, बिजली घर, आलू मंडी व फूलबाग सबस्टेशनों पर पिछले साल बिजली का संकट काफी ज्यादा था।यह समस्या सबसे ज्यादा नए विकसित क्षेत्रों में अधिक आ रही है।
बिजली के तारों की मरम्मत करते कर्मी
- फोटो : amar ujala
एक हजार मेगावॉट तक सप्लाई तैयार
केस्को का गठन 14 जून 2000 को हुआ। तब से बिजली की मांग इतनी अधिक नहीं गई है। इस बार 763 मेगावॉट मांग पहुंच गई है, जबकि केस्को एक हजार मेगावॉट तक सप्लाई कर सकता है। अधिकारियों का दावा है कि इससे अधिक भी अगर जरुरत हुई तो आपूर्ति कराई जाएगी।
गर्मी और उमस के कारण बिजली उपकरणों पर लोड पड़ रहा है। इसी कारण बिजली की मांग मई महीने में तेजी से बढ़ी और 763 मेगावाट तक पहुंच गई है। -देवेंद्र वर्मा, मीडिया प्रभारी केस्को