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सीएसए दीक्षांत: दीपिका को मिला कुलाधिपति स्वर्ण पदक, परिजन बोले- म्हारी छोरी भी छोरो से कम न सै

Wed, 09 Oct 2019 07:34 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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माता-पिता के साथ दीपिका - फोटो : अमर उजाला
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म्हारी छोरी भी छोरो से कम न सै....। आज तो सीना गर्व से चौड़ा हो गया और उन सभी नाते रिश्तेदारों को भी जवाब मिल गया जिन्होंने बेटी को बाहर भेजने पर जी भर के ताने मारें, हम से मुंह मोड़ लिया था। यह कहते ही हरियाणा के झज्जर से बेटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए धनराज और सरोज की आंखों में खुशी के आंसू छलक आएं।
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उनकी बेटी दीपिका को कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बीएससी (आनर्स) वानिकी में कुलाधिपति स्वर्ण पदक और हनुमान प्रसाद चौधरी स्वर्ण पदक से नवाजा गया।

दीक्षांत समारोह के बाद दीपिका ने दोनों पदक अपने माता पिता को पहना दिए और बोली सब इन्हीं की बदौलत। आईसीएआर में रैंक हासिल करने के बाद हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में दाखिला मिल रहा था, लेकिन वानिकी में रुचि होने की वजह से दीपिका ने यूपी का सीएसए चुना।
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दीपिका की मां सरोज कहती हैं कि बेटी को जब बाहर भेजने की बात बाहर पता लगी तो सबका मुंह बन गया। सभी ने मना किया, एक-डेढ साल तक काफी कुछ सुनाया, लेकिन हमें बेटी की क्षमता पर विश्वास था। आर्मी से रिटायर धनराज कहते हैं कि वाइल्ड लाइफ में रुचि थी, आईएफएस बनना चाहती हूं।

दीपिका कहती हैं कि सीएसए में आने और यहां के माहौल में एडजस्ट करने में काफी समस्या आई। भाषा की समस्या थी, लेकिन इन सबको दूर करते हुए आगे बढ़ी। वानिकी की क्लास में केवल दो ही बच्चे थे, कई बार लगता छोड़ दूं, लेकिन धीरे धीरे आगे बढ़ती गई। सफलता में माता पिता का बड़ा योगदान रहा।
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