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Kanpur News: जूही से गोविंदनगर तक गहरी सीवर लाइन चोक, 14 फीट तक भरा पानी

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कानपुर। जलकल विभाग ने सोमवार को जूही से लेकर गोविंदनगर तक सीवर की समस्या से निजात दिलाने के लिए गहरी सीवर लाइन का एक-एक चैंबर खुलवाकर जांच की। जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर (सीपीएम) अरविंद मीणा से दो टूक कहा कि यह समस्या जूही हमीरपुर रोड पर मेट्रो कार्य और गहरी सीवर लाइन डायवर्ट करने की वजह से हुई है। अभियंता दो महीने से आश्वासन ही दे रहे हैं। तत्काल सीवर लाइन की सफाई कराकर इस समस्या से निजात दिलाएं या उन्हें इस कार्य के लिए उनके विभाग को धन देने की सहमति दें। सीपीएम ने उन्हें जल्द कार्य कराने का आश्वासन दिया।
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यूपीएमआरसी ने ट्रांसपोर्टनगर तक भूमिगत मेट्रो को स्वदेशी कॉटन मिल के सामने से एलिवेटेड करने के लिए वहां बिछी गहरी सीवर लाइन को शिफ्ट किया था। इस प्रक्रिया के दौरान जूही गढ़ा में मेट्रो की तरफ से इसी लाइन में बनाया गया घटिया चैंबर भी सात महीने पहले धंस गया था, तब से जूही गढ़ा, जूही बम्बुरहिया, विनोवानगर, परमपुरवा, बीएम मार्केट, गोविंदनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में सीवरलाइनें बैक फ्लो हो रही हैं और कई मोहल्लों में गंदा पानी घरों तक में घुस रहा है। उसी समय से इन मोहल्लों के लोग गंदा पानी भरने और उसकी सड़ांध, गंदगी की वजह से हो रही दिक्कतों के बीच नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासी जलकल विभाग से लेकर मेट्रो के अधिकारियों तक से इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगा रहे हैं, पर यूपीएमआरसी सीवर समस्या से निजात दिलाने में असफल साबित हो रहा है।
अमर उजाला ने यह मामला प्रमुखता से प्रकाशित हुआ। लोगों ने पुन: जलकल विभाग के महाप्रबंधक से तत्काल इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई। सोमवार को महाप्रबंधक ने जोन - 5 के अधिशासी अभियंता ईश्वर सिंह और अवर अभियंता राकेश को मौके पर भेजा। अभियंताओं ने गोविंदनगर, पापुलर धर्मंकाटा चौराहा, विनोबा नगर होते हुए जूही हमीरपुर रोड तक गहरी सीवर लाइन के मैनहोलों के ढक्कन खोलकर जांच की।
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महाप्रबंधक ने बताया कि गहरी सीवर लाइन चोक होने की वजह से किसी चैंबर की सतह से 10 फीट तो किसी में 12, 14 फीट तक पानी भरा मिला। सीवर लाइनों में सिल्ट जमा है। हो सकता है कुछ जगहों पर अन्य अवरोध भी हों। लाइन की पूरी तरह सफाई कराकर वीडियोग्राफी कराने पर ही निदान भी हो पाएगा। यूपीएमआरसी के अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित करने के साथ ही रिमाइंडर भेजा गया है।
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