यूपी के हरदोई जिले में अमीरुल दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। उसकी पत्नी शहनाज को कुछ रुपयों की जरूरत थी। रुपयों के इंतजाम के लिए वह कस्बे के ही कटरा बाजार की ओर किसी से मदद मांगने गई थी। जब वह घर से निकली थी तो फिजा और निशा घर के बाहर खेल रहीं थीं। दोनों बच्चियों से शहनाज जल्द लौटकर आने की बात कह गई थी। उसे क्या पता था कि जब वह लौटेगी तो उसकी दोनों बच्चियां सदा के लिए उसका साथ छोड़ चुकी होंगी।
पिहानी कस्बे के मोहल्ला लोहानी अंतर्गत रामलीला रोड पर स्थित मैदान में ही झोपड़ी डालकर अमीरुल का परिवार रहता है। अमीरुल दिल्ली में मजदूरी करता है। यहां उसकी पत्नी शहनाज के अलावा पुत्री निशा (8), फिजा उर्फ खुशी (7), अरबाज (6), आयशा (3) और अलीशा (2) रहती है। बुधवार देर शाम निशा और फिजा झोपड़ी से बाहर आने के बाद कपड़े उतारकर पास ही स्थित गड्ढे में भरे बरसाती पानी में नहाने के लिए चली गईं। इसी दौरान दोनों डूब गईं।
आसपास की झोपडिय़ों में रहने वाले कुछ बच्चे जब शाम लगभग सात बजे उधर खेलने के लिए गए तो निशा का शव उतराता दिखा। इस पर बच्चों ने उसकी मां शहनाज को बताया। चूंकि दोनों बच्चियों के कपड़े गड्ढे के पास रखे हुए थे, इसलिए लोगों को शंका हुई कि फिजा भी डूब गई है।
जानकारी पाकर पहुंची पुलिस ने कस्बा वासियों की मदद से गड्ढे में शव की खोज कराई तो कुछ देर बाद ही फिजा का शव भी बरामद हो गया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। दोनों बच्चियां लोहानी स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 की छात्रा थीं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया।