यूपी के हमीरपुर जिले में 'मौत का गड्ढा' भाई बहनों के लिए काल बन गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। जानें पूरा मामला...
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घटना स्थल पर मौजूद पुलिस व परिजन
डंप मौरंग की चोरी रोकने के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी भरने से भाई-बहन की डूबकर मौत हो गई। कोतवाली पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बवाल की आशंका से घटनास्थल पर एसडीएम व सीओ पहुंचे और पुलिस फोर्स तैनात की हैं।
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जिला अस्पताल में घटना की जानकारी देता बच्चों का ताऊ पप्पू
कोतवाली क्षेत्र के सूरजपुर गांव निवासी प्रमोद श्रीवास ने बताया कि गांव के किनारे बेतवा नदी है। यहां 30 जून तक मौरंग खनन हुआ। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय के ठीक पीछे बारिश में बिक्री के लिए मौरंग डंप की गई है। मौरंग की चोरी रोकने के लिए करीब आठ से दस फीट गहरा गड्ढा खोद गया है। इधर बारिश से गड्ढे में पानी भर गया।
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हमीरपुर में भाई-बहन की मौत
बुधवार शाम करीब पांच बजे उसका पुत्र ऋषिकेष (8) बेटी निहारिका (6) खेलने गए। काफी देर तक जब वह घर नहीं आए तो खोजबीन की। जिस पर उसका साला दिनेश निवासी हुसैना मौके पर पहुंचा और गड्ढे में निहारिका का शव उतराता देखा और ऋषिकेष का शव पानी के अंदर से निकाला। वह दोनों को जिला अस्पताल लाए। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है।
प्रमोद ने बताया कि वह ड्राइवर है। उसके दो ही बच्चे थे। कोतवाल शैल कुमार सिंह ने बताया गड्ढे को जेसीबी से पाटने पहुंचे तो ग्रामीणों ने विरोध किया। इस पर एसडीएम वीर बहादुर सिंह यादव, सीओ रजनीश उपाध्याय पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे और लोगों से कार्रवाई की बात कही।