भीखदेव कहिंजरी की पूर्व प्रधान करंट से हुई मौत मामले में विद्युत सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक कनेक्शन करने बरती लापरवाही में जिम्मेदार कर्मचारियों पर प्रभावी कार्रवाई करने और क्षतिपूर्ति के निर्देश दिए गए है।
24 सिंतबर 2012 को रसूलाबाद तहसील के गांव भीखदेव कहिंजरी में तेज हवा से हाईटेंशन लाइन पर यूके लिप्टस के पेड़ की एक डाल टूट कर गिर गई। इससे एचटी लाइन घरों की बिजली सप्लाई देने वाली एलटी लाइन के ऊपर गिर गई।
एचटी लाइन गिरते ही पूरी कहिंजरी के घरों में उच्च तीव्रता करंट दौड़ गया। इसके चलते भीखदेव कहिंजरी पूर्व प्रधान कुसुमा गुप्ता घर की बिजली की केबिल जल गया और वह उसकी चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौत गई।
उनको बचाने में पड़ोसी सोनी गुप्ता भी झुलस गईं। विद्युत सुरक्षा उपनिदेशक की जांच रिपोर्ट में गलत तरीके से कनेक्शन करने में अवर अभियंता व लाइनमैन को दोषी पाया है।
जांच अधिकारी जेई अशोक कुमार सिंह ने रिपोर्ट में कहा है कि कनेक्शन केबिल को प्लास्टिक पाइप से कवर किए बिना दरवाजे की लोहे की ग्रिल के ऊपर छेद करके पहुंचाया गया है।
इससे केबिन जलकर गई और लोहे के दरवाजे से पूरे घर में करंट फैल गया। निदेशालय ने उक्त मामले में दोबारा से घर की लाइन ठीक करने का निर्देश दिया है।
साथ ही तत्कालीन अवर अभियंता कौशलेंद्र और लाइनमैन पर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। प्रधान कुसुमा गुप्ता के बेटे विष्णु गुप्ता ने बताया कि हाईटेंशन जर्जर थीं, लेकिन बिजली विभाग ने ठीक नहीं करवाईं और एचटी लाइन को एलटी के पास से नहीं हटाया। नहीं यह हादसा नहीं होता।